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गोरखपुर के लाल ने 19 हजार फीट की ऊंचाई पर लहराया तिरंगा, जानिए कैसे पूरा हुआ संघर्ष का ये सफर

Sun, 11 Oct 2020 04:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Sun, 11 Oct 2020 04:10 PM IST
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Mountaineer Nitish of Gorakhpur Hoisted Tiranga after climb 19086 feet high Mount Rudragaira
पर्वतारोही नीतीश ने 19086 फीट ऊंचाई पर लहराया तिरंगा। - फोटो : अमर उजाला।

ऊबड़-खाबड़ पहाड़ पर जमी बर्फ, बीच-बीच में पूरी खाई, माइनस दस डिग्री का तापमान और ऊपर से तेज बर्फीली हवाएं। 30 किलो का वजन पीठ पर लादकर पहाड़ की खड़ी चढ़ाई। बस एक चूक और जीवन लीला सामाप्त होने का डर, पांच दिन के सफर के दौरान वापस लौटने के कई मौके प्रकृति ने गोरखपुर शहर के युवा पर्वतारोही नीतीश को दिए। मगर बुलंद हौसले और नेक मकसद की गर्माहट ने नीतीश का हौसला बढ़ाया। तभी तो उत्तराखंड के माउंट रुद्र गैरा की 19086 फीट की दुर्गम चोटी पर शहर के लाल को तिरंगा लहराने में कामयाबी मिली।

Mountaineer Nitish of Gorakhpur Hoisted Tiranga after climb 19086 feet high Mount Rudragaira
नीतीश सिंह ने उत्तराखंड के माउंट रूद्र गैरा चोटी की चढ़ाई पांच दिन में की पूरी। - फोटो : अमर उजाला।

सिंगल यूज प्लास्टिक और स्वच्छ भारत मिशन अभियान के प्रति जागरूकता फैलाने के नजरिए से युवा पर्वतारोही नीतीश सिंह ने चार अक्तूबर को गंगोत्री से माउंट रुद्र गैरा की चढ़ाई शुरू की। रास्ता बहुत ही दुर्गम और जोखिमों भरा था। चढ़ाई के दौरान करीब 30 किलो का वजन लेकर जिसमें कपड़े स्लीपिंग बैग, खाने का राशन, बर्तन और गैस लेकर चलना था। जो इस चढ़ाई को सबसे कठिन बना देती है। पीने वाले पानी के लिए सम्मिट कैंप से बेस कैंप जाना पड़ता था जो कि चार घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद मिलती थी। तमाम बधाओं को पार कर आठ अक्तूबर की सुबह 7:58 बजे नीतीश ने माउंट रुद्र गैरा की चोटी पर तिरंगा लहराया। इस चढ़ाई में उनके साथ उत्तराखंड के पर्वतारोही गौरव रावत एवं आयुष बिष्ट भी रहे।

Mountaineer Nitish of Gorakhpur Hoisted Tiranga after climb 19086 feet high Mount Rudragaira
माइनस 10 डिग्री का तापमान और बर्फीली हवाएं भी न तोड़ सकी हौसला। - फोटो : अमर उजाला।

दो बार चढ़कर रिकॉर्ड बनाने से चूके
नीतीश ने बताया कि इस पहाड़ को दो बार चढ़कर रिकार्ड बनाना चाहते थे। दोबारा चढ़ाई के लिए नौ अक्तूबर को सुबह 3:30 बजे सम्मिट कैंप से निकल गए थे। आधे रास्ते पर जाने के बाद तेज बर्फीली हवाएं 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। खड़ी चढ़ाई होने के नाते वहां खड़ा होना भी संभव नहीं था इसलिए परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए हमने वापस आना ही ठीक समझा।

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Mountaineer Nitish of Gorakhpur Hoisted Tiranga after climb 19086 feet high Mount Rudragaira
नीतीश सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर विश्वविद्यालय का छात्र है नितिश, राजेंद्र नगर में रहता है परिवार
नीतीश के पिता शहीद लांस नायक अमरजीत सिंह कारगिल युद्ध के दौरान सड़क दुर्घटना में शहीद हो गए थे। पिता के उत्तराखंड में तैनाती के दौरान नीतीश आर्मी स्कूल रूड़की की कक्षा पांचवीं में पढ़ाई करते थे। एक बार परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्हें हिमाचल प्रदेश स्थित सोलन जाना पड़ा था। इस दौरान पहाड़ों और प्रकृति की अनोखी छंटा ने उनका मन मोह लिया। दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई के दौरान उनका शौक परवान चढ़ा। राजेंद्र नगर में मां जलसा देवी, भाई नीरज सिंह, दीपक सिंह और बहन नीतू सिंह के साथ रहने वाले नीतीश ने बारहवीं की पढ़ाई राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज से उत्तीर्ण की है। वर्तमान में वो गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं।

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Mountaineer Nitish of Gorakhpur Hoisted Tiranga after climb 19086 feet high Mount Rudragaira
नीतीश सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

इन चोटियों पर लहराया तिरंगा
2016 - दिल्ली में एक साल का प्रशिक्षण लिया
2018- माउंट एवरेस्ट पर 6200 मीटर, खराब सेहत की वजह से आगे न जा सके।
2018- लेह लद्दाख स्थित स्टॉक कांगड़ी 6124 मीटर
2019- अरूणाचल प्रदेश स्थित मीराथांग ग्लेश्यिर 16600 फीट
2020 - उत्तराखंड में 9000 फीट ऊंची पीननट चोटी

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