गोरखपुर जिले के गोरखनाथ इलाके की जन प्रिय विहार कॉलोनी में जहर खाने से मां और बेटे की मौत के मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया। बुधवार की दोपहर में एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने घटनास्थल का जायजा लिया। कमरे की तलाशी के दौरान उनको घर में रखा तीन पेज का सुसाइड नोट मिला।
Gorakhpur:... तो कर्ज व आर्थिक तंगी से पस्त होकर मां-बेटे ने की थी खुदकुशी, मिला तीन पेज का सुसाइड नोट
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सरोज देवी ने सुसाइड नोट में बड़े बेटे को उनकी मौत के बाद घर में काम करने वाली गायत्री को एक लाख रुपये देने की बात भी लिखीं हैं। मोहल्ले की ही रहने वाली गायत्री तकरीबन 12 वर्षों से उनके घर में काम कर रही थीं। अब वह उनके घर के एक सदस्य की तरह हो गई थीं।
बड़ा बेटा बोला, जहर खाने के लिए किसी ने उकसाया
सरोज देवी के बड़े पुत्र श्रीश राव का कहना है कि घर में स्थितियां सामान्य थीं। जिस दिन घटना घटी, उस दिन मां के साथ में था। जमीन और गाड़ी खरीदने के वक्त मां मेरे साथ थी। कुछ लोगों ने मां को बरगला दिया। उकसावे में आकर इतनी बड़ी घटना घट गई।
मां और बेटे का हुआ दाह संस्कार
गोरखनाथ इलाके की जन प्रिय विहार कॉलोनी में जहर खाने से मां और बेटे की मौत के बाद पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर बड़े बेटे को सौंप दिया। दोनों का दाह संस्कार बुधवार की देर शाम राजघाट पर बड़े बेटे ने किया। मामले में एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया। मामले में पुलिस को किसी तरह कोई भी शिकायत नहीं मिली है।
जानकारी के मुताबिक, जनप्रिय विहार इलाके के एलआईजी 100 में सरोज देवी (55) अपने दो बेटे श्रीश राव और मनीष (28) के साथ रहती थीं। कुछ विवाद की वजह से सरोज देवी ने अपने छोटे बेटे मनीष के साथ मंगलवार की देर रात जहर खा लिया। इलाज के लिए आसपास के लोग जिला अस्पताल लेकर गए, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जहां दोनों की मौत हो गई थी। जानकारी मिलने के बाद पार्षद ऋषि मोहन वर्मा क्षेत्रीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे थे।
बुधवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शवों को सरोज देवी के बड़े बेटे श्रीश को सौंप दिया। श्रीश ने देर शाम राजघाट पर मां और भाई को मुखाग्नि दी। सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह ने बताया कि मामले में कोई भी शिकायत अब तक नहीं मिली है। फॉरेंसिक टीम जांच के लिए गई थी। जांच पड़ताल की जा रही है। शव को बड़े बेटे के सुपुर्द कर दिया गया था।