दिन और रात के तापमान में तेजी से हो रहा बदलाव शरीर को तपा रहा है। बीते कुछ दिनों में अस्पतालों में बुखार और गठिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दोनों विभागों की ओपीडी में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
Gorakhpur News: शरीर को तपा रहा मौसम का बदलाव, अस्पताल में मरीजों की संख्या 500 के पार
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डॉ. राजेश ने बताया कि इनमें 80 फीसदी मरीजों को बुखार के साथ खांसी और जुकाम की समस्या है। कई मरीजों में डेंगू और चिकनगुनिया के भी लक्षण मिल रहे हैं। इनको जांच की सलाह दी जा रही है। यहां मेडिसिन विभाग की चार ओपीडी चलती है। वहीं, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन की तीन ओपीडी चलती है। सभी ओपीडी में प्रतिदिन सौ के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि बदल रहे मौसम में गठिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में आने वाले हर पांच में तीन मरीज गठिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के कारण जोड़ों की धमनियां (आर्टिरीज) सिकुड़ जाती है। धमनियों के सिकुड़ने से जोड़ों में रक्त का तापमान कम हो जाता है और रक्त संचार धीमा हो जाता है। इसकी वजह से जोड़ों में असहनीय दर्द होना शुरू हो जाता है। पीड़ितों को ठंड से बचाव की सलाह दी जाती है।
ओपोडी में पहुंच रहे 60 फीसदी बच्चे निमोनिया के शिकार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 300 से 400 बच्चे इलाज के लिए आ रह हैं। इनमें 60 फीसदी मामले निमोनिया और सर्दी के मिल रहे हैं। बताया कि सर्द हवाओं की चपेट में आने से बच्चे जल्दी बीमार होते हैं। यह ठंड निमोनिया का कारण भी बनती है। लोग दिन में तापमान अधिक रहने से खुद और बच्चों को गर्म कपड़े नहीं पहना रहे हैं। ऐसे में शाम की ठंड उन्हें बीमार कर रही है। बताया कि इस मौसम में बच्चों को नंगे पांव न घूमने दें। उन्हें गर्म कपड़ों के साथ जूते पहनाएं।
ठंड ने बढ़ाई शरीर में सूखेपन की समस्या
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि बदल रहे मौसम ने शरीर में सूखेपन की समस्या बढ़ा दी है। बुजुर्गों और बच्चों में यह समस्या अधिक रहती है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि साबुन का इस्तेमाल ज्यादा न करें। गुनगुने पानी से नहाएं। शरीर पर नारियल व अन्य तेल, वैसलीन जैली आदि का इस्तेमाल करें। बताया कि ओपीडी में 150 से 170 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 80 फीसदी मामले शरीर में सूखेपन की समस्या से जुड़े हैं। मधुमेह, किडनी, हृदय रोगियों को ऐसे मौसम में ज्यादा एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।