उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की राप्ती नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक के राजपुर दूबी में कई घर नदी में समा गए। साथ ही 200 बीघा खेत जलमग्न हो गए। ऐसे में गांव के लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं।
राप्ती ने दिखाया रौद्र रूप, कई घर नदी में समाए, दहशत में हैं ग्रामीण
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राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजपुर दूबी के पास कटान तेज हो गया है। इससे कई घर नदी में समा गए। जिसके वजह से गांव के लोग दहशत में हैं। ग्रामीण अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर और विशालकाय पीपल का पेड़ नदी में समा गया।
गांव के जयप्रकाश पांडेय, ओमप्रकाश पांडेय, शिवपूजन श्रीवास्तव, धीरज, गुजराती देवी, रामकेश यादव, जयप्रकाश यादव, श्रीपत यादव, गोरख यादव, विंदा शुक्ला, कुइया देवी, मुनका पांडेय आदि ने बताया कि अभी तक प्रशासन की ओर से बाढ़ से बचाव के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। हम कहां जाएं, कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
उधर, तहसीलदार संजीव दीक्षित ने नायब तहसीलदार नीलम तिवारी, कानूनगो शिव सहाय श्रीवास्तव और हल्का लेखपाल हेमंत मिश्रा के साथ कटान स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव के लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। तहसीलदार ने बताया कि जिनका घर नदी में समा गया है उनकी पूरी मदद की जाएगी। लेखपाल को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
आमी नदी का बढ़ा जलस्तर, फसलें डूबीं
सहजनवां ब्लॉक के दक्षिणांचल में आमी नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। इसमें सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। कुवावल गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। इसके अलावा हरपुर-भीटी मार्ग के पास नदी का पानी आ चुका है। आमी नदी खुदवा नाला, कुवावल पुल होते हुए गीडा की तरफ निकलती है। हर साल बारिश के समय आमी नदी अपना रौद्र रूप दिखाती है। इससे कुवावल, खिरीडाड, दरघाट, कटाइटिकर, जोगियाकोल, हरदी आदि गांव पानी से घिर जाते हैं। जिससे लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।