कालेसर जीरो प्वाइंट से सोमवार को भी प्रवासी कामगारों को उनके घर भेजने का सिलसिला जारी रहा। चिलचिलाती धूप के बीच इस जतन में न केवल कामगार बल्कि अफसर व कर्मचारी भी दिन भर पसीना बहाते नजर आए।
दूसरे दिन 50 बसों से तीन हजार से अधिक कामगार कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बिहार और नेपाल भेजे गए। कामगारों के जीरो प्वाइंट पहुंचने और वहां से उन्हें बसों से घर भेजने का क्रम देर शाम तक जारी रहा।
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- फोटो : अमर उजाला।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर और डीआईजी राजेश डी मोदक ने मौके पर पहुंच कर कामगारों को उनके घर भेजने की व्यवस्था जांची। मजदूरों से हालचाल लिया और प्रशासनिक अफसरों को निर्देश दिया कि किसी भी कामगार को दिक्कत न हो।
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सभी को खाने के पैकेट और पानी देने के बाद उन्हें सम्मान पूर्वक बसों पर बैठाकर उनके घर भेजा जाए। उधर, सुबह से ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व सहजनवां तहसील की एसडीएम अनुज मलिक, तहसीलदार लालजी विश्वकर्मा, तहसील प्रशासन की टीम और बड़ी संख्या में पुलिस, जीरो प्वाइंट पर मोर्चा संभाले रही।
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जैसे-जैसे कामगार पहुंचते उन्हें भोजन कराने के बाद संबंधित रूट की बसों पर बैठाकर भेजा जाता था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि बड़ी संख्या में बिहार के कामगार भी बसों से भेजे गए। उन्हें बिहार बार्डर तक छोड़ा गया। इसी तरह नेपाल के रहने वाले कामगारों को सोनौली बार्डर तक पहुंचाया गया। सभी का ध्यान रखा जा रहा है।
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साइकिल का सफर अभी भी जारी
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कालेसर स्थित जीरो प्वाइंट पर बसों की व्यवस्था तो करा दी मगर अभी बड़ी संख्या में कामगार साइकिलों से आ रहे हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कुछ की साइकिलें भी बसों पर रखवाकर उन्हें भेजा तो वहीं कुछ साइकिल से ही आगे का सफर तय करने पर अड़े रहे। ऐसे लोगों को प्रशासन ने रास्ते के लिए पर्याप्त खाने के पैकेेट और पीने का पानी मुहैया कराया।