मेरठ का चर्चित 'नीला ड्रम केस' मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के आरोपियों को अदालत से मौत की सजा सुनने के आदेश का समर्थन मां दुर्गा पंडाल से किया जा रहा है। माता के प्रतिमा के बगल में बीच रोड पर समिति के लोगों ने मुस्कान और साहिल के पुतले को फांसी पर लटका कर अदालत के आदेश को जायज ठहराते हुए अपना समर्थन दिया है।
यहां याद दिला दें कि मार्च 2025 में उत्तर प्रदेश के मेरठ में यह मामला सामने आया था। सौरभ राजपूत (35 वर्ष) को पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसका प्रेमी साहिल शुक्ला ने मौत के घाट उतार दिया था। आरोपियों ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में डालकर उसे सीमेंट से चिन दिया था।
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फंदे पर लटकाए पुतले
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस मामले में बीते दिनों आरोपियों को अदालत में मौत की सजा सुनाई है। गोरखपुर के सिंघडिया इलाके में चौराहे के पास क्षेत्र के युवा मां दुर्गा की विद्युत चलित प्रतिमा स्थापित करते हैं। शहर में सीमित संख्या में विद्युत चलित प्रतिमाएं बैठती हैं।
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मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में इस प्रतिमा का क्षेत्र में विशेष क्रेज है। बड़ी संख्या में लोग यहां मां दुर्गा की विद्युत चरित्र प्रतिमा देखने आते हैं। नीला ड्रम केस मामले में आरोपियां को फांसी की सजा मिलने के बाद यहां से प्रशंसा कर रहे हैं ऐसे में समिति के युवाओं में आरोपियों के प्रतीकात्मक पुतले को फांसी पर लटकाया है।
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Meerut Murder
- फोटो : अमर उजाला
आते-जाते हर राहगीर की इन पुतलों पर नजर पड़ रही है। समिति के अध्यक्ष नितेश ने कहा कि जिस तेजी से इस मामले में फैसला आया है उसे लोगों में कानून के प्रति विश्वास और गहरा होगा।
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आरोपी साहिल और मुस्कान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कातिल मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी की सजा
मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने पति की हत्या करने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को 14 अक्तूबर 2026 को मृत्युदंड की सजा सुनाई। जिला जज ने 30 सितंबर 2026 को 22 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर और दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था।