फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Makar Sankranti 2021: चार साल बाद बदलेगा मकर संक्रांति का इतिहास, जानिए क्या होगा इस बार खास

Tue, 12 Jan 2021 06:35 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 12 Jan 2021 06:35 PM IST
विज्ञापन
Makar Sankranti 2021 Date 14th January: Makar sankranti 2021 date muhurat Importance of sun transit in makar rashi
मकर संक्रांति - फोटो : अमर उजाला
पिछले चार सालों से 15 जनवरी को मनाई जाने वाली मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी को मनेगी। पंडित जोखन पांडेय शास्त्री के मुताबिक 14 जनवरी को दोपहर दो बजकर 37 मिनट पर सूर्य का प्रवेश अपने पुत्र शनि के मकर राशि में हो रहा है। धर्मशास्त्र के अनुसार यदि दिन में सूर्य का संक्रमण होता है तो संक्रांति का पुण्यकाल उसी दिन रहता है। वहीं इस वर्ष श्रवण नक्षत्र में मकर संक्रांति हो रही है। इससे महंगाई पर नियंत्रण करने के प्रयास तेज होंगे।
Trending Videos
Makar Sankranti 2021 Date 14th January: Makar sankranti 2021 date muhurat Importance of sun transit in makar rashi
मकर संक्रांति: ज्योतिष पं. शरद चंद्र मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
सूर्य साधना का दिन है मकर संक्रांति
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार मकर संक्रांति भगवान सूर्य का प्रिय पर्व है। सूर्य की साधना से त्रिदेवों की साधना का फल प्राप्त होता है। ज्ञान-विज्ञान, विद्वता, यश, सम्मान, आर्थिक समृद्धि सूर्य से ही प्राप्त होती है। सूर्य इस ग्रह मंडल के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्योपासना से समस्त ग्रहों का कुप्रभाव समाप्त होने लगता है।
Makar Sankranti 2021 Date 14th January: Makar sankranti 2021 date muhurat Importance of sun transit in makar rashi
मकर संक्रांति: प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

पंडित शरद ने बताया कि इस दिन सूर्य का मंत्र- 'ऊं घृणि: सूर्यार्घ्य नम:' का जप या 'ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:' का जप करना चाहिए। इस दिन स्नान कर कलश या तांबे के लोटे में पवित्र जल भरकर उसमें चंदन, अक्षत और लाल फूल छोड़कर दोनों हाथों को ऊंचा उठाकर पूर्वाभिमुख होकर भगवान सूर्य को 'एही सूर्य सहस्त्रांसो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं  दिवाकर।' मंत्र से जलार्पण करना चाहिए। इस दिन सूर्य से संबंधित स्तोत्र, कवच, सहस्त्र नाम, द्वादश नाम, सूर्य चालीसा आदि का पाठ करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Makar Sankranti 2021 Date 14th January: Makar sankranti 2021 date muhurat Importance of sun transit in makar rashi
मकर संक्रांति: ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय। - फोटो : अमर उजाला
मकर संक्रांति का महत्व
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार सूर्य प्रत्येक मास में एक राशि पर भ्रमण करते हुए 12 माह में सभी 12 राशियों का भ्रमण कर लेते हैं। फलत: प्रत्येक माह की एक संक्रांति होती है। सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे मकर संक्रांति कहते हैं। इसका महत्व इसलिए है क्योंकि इस दिन सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। उत्तरायण काल को ही प्राचीन ऋषियों ने साधनाओं का सिद्धिकाल व पुण्यकाल माना है।
विज्ञापन
Makar Sankranti 2021 Date 14th January: Makar sankranti 2021 date muhurat Importance of sun transit in makar rashi
मकर संक्रांति: प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
ज्योतिर्विद नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मकर संक्रांति सूर्योपासना का महापर्व है। मकर से मिथुन तक की छह राशियों में छह महीने तक सूर्य उत्तरायण रहते हैं तथा कर्क से धनु तक की छह राशियों में छह महीने तक सूर्य दक्षिणायन रहते हैं। कर्क से मकर की ओर सूर्य का जाना दक्षिणायन तथा मकर से कर्क की ओर जाना उत्तरायण कहलाता है। सनातन धर्म के अनुसार उत्तरायण के छह महीनों को देवताओं का एक दिन और दक्षिणायन के छह महीनों को देवताओं की एक रात्रि मानी जाती है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed