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अफसरों के उड़े होश: संस्कृति विभाग ने बनाकर भेजी थी 12.5 फीट ऊंची प्रतिमा, नहीं दिखा महंत दिग्विजयनाथ का अक्स

Sun, 07 Mar 2021 02:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 07 Mar 2021 02:20 PM IST
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Mahant Digvijaynath did not show in statue sent by culture department Lucknow
महंत दिग्विजयनाथ की प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर सर्किट हाउस के पास बने महंत दिग्विजयनाथ पार्क में स्थापित महंत दिग्विजयनाथ की करीब 12.5 फीट ऊंची प्रतिमा का चेहरा, महंत दिग्विजयनाथ के चेहरे से मेल नहीं खा रहा। इसकी जानकारी होने के बाद जिम्मेदार अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं। यह प्रतिमा पिछले साल ही पार्क में स्थापित की गई थी। कोरोना का दौर शुरू होने से अभी अनावरण नहीं हो पाया है।


 
Mahant Digvijaynath did not show in statue sent by culture department Lucknow
महंत दिग्विजयनाथ की प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला।
खबर है कि गोरखपुर आगमन के दौरान एक बार मुख्यमंत्री ने प्रतिमा का चेहरा दिखाने की जिज्ञासा जताई थी। अफसरों ने जब चेहरा दिखाया तो वह चौंक गए। दरअसल, प्रतिमा के चेहरे में महंत दिग्विजयनाथ का पूरा अक्स ही नहीं दिख रहा।

 

 
Mahant Digvijaynath did not show in statue sent by culture department Lucknow
cm yogi - फोटो : अमर उजाला।

मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी भी जताई। जिसके बाद से ही लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक के अफसरों के होश उड़े हुए हैं। हर कोई इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। जिले स्तर पर सिर्फ संस्कृति विभाग दबी जुबान यह स्वीकार कर रहा है कि प्रतिमा में महंत दिग्विजयनाथ का अक्स नहीं दिख रहा।

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Mahant Digvijaynath did not show in statue sent by culture department Lucknow
रामगढ़ताल। - फोटो : अमर उजाला।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब दो साल पहले रामगढ़ताल के पास सर्किट हाउस से सटे खाली जगह को नुमाईश पार्क के तौर पर विकसित करने का निर्देश दिया था। शहर में जनसभा, रैली व सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि के लिए कोई बड़ी जगह नहीं होने पर उन्होंने इसकी जरूरत महसूस की थी।

 

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Mahant Digvijaynath did not show in statue sent by culture department Lucknow
गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : Social Media
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से पार्क का निर्माण कराया गया। बाद में नुमाईश ग्राउंड का नाम बदलकर मंहत दिग्विजयनाथ पार्क कर दिया गया। पिछले साल की शुरूआत में ही मुख्यमंत्री ने वहां महंत दिग्विजयनाथ की आदमकद प्रतिमा लगाने का निर्देश दिया था। प्रतिमा तैयार करने की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग लखनऊ को सौंपी गई थी। तय समय के भीतर प्रतिमा तैयार कर विभाग ने जीडीए को उपलब्ध भी करा दिया। प्राधिकरण ने उसे स्थापित भी कर दिया।
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