गोरखपुर में सुबह के दस बजे थे। चौरीचौरा इलाके के आसपास के गांवों से आए लोगों का हुजूम शहीद स्थल की ओर बढ़ रहा था। बूढ़े, महिलाएं, बच्चे और उत्साहित नौजवान, हर तबके के लोग उत्साह और उमंग से सराबोर थे। भीड़ उमड़ने लगी तो समारोह स्थल छोटा पड़ गया। बावजूद इसके लोगों में अनुशासन ऐसा था कि किसी को कोई परेशानी महसूस नहीं हुई। आगे की स्लाइड्स में देखें चौरी चौरा की खास तस्वीरें...
पीएम मोदी के ऑनलाइन जुड़ते ही लगे 'जय श्रीराम' के नारे, तस्वीरों में देखें चौरी चौरा की खास झलक
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समारोह में शरीक होने आए कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने आए थे तो कुछ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखने। एक बड़ा तबका उन गांवों से भी था, जहां के सपूतों ने वंदेमातरम कहते हुए फांसी के फंदे को छू लिया था। प्रधानमंत्री जैसे ही वर्चुअल रूप से समारोह में जुड़े, पीछे खड़े युवाओं ने जय श्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए।
यह सब देखकर प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर भोजपुरी में सभी का अभिवादन किया। उन्होंने जैसे ही कहा, 'चौरीचौरा के लोगन क स्वागत करत बाटीं, आप सबके नमन करत बाटीं।' तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
आंखें नम थीं, मन में श्रद्धा के भाव
शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने के लिए जब एक-एक कर मंच पर बुलाया जाने लगा तो भीड़ एक टक मंच की ओर निहारने लगी। लोगों की आंखें नम थीं और मन में श्रद्धा के भाव थे। उधर, उद्घोषक परिजनों के नाम को पुकार रही थीं तो इधर तालियों की गूंज तेज होती जा रही थी।
सीटें भर गईं तो खड़े होकर देखा कार्यक्रम
सम्मान समारोह में शामिल होने वालों में महिलाओं की तादाद भी ज्यादा थी। जब सीटें भर गईं तो महिलाएं पास में ही खड़े होकर कार्यक्रम देखने लगीं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ही वे वापस लौटीं।