{"_id":"5f1f9819bd286f0cb9651b0d","slug":"kidnapped-student-case-balaram-was-tortured-before-the-murder-break-both-hands-see-photos","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"हत्या से पहले बलराम को दी थी यातना, दोनों हाथ तोड़े, गर्दन तोड़कर सिर को कूंचा, शव को सीमेंट की बोरी में ठूंसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या से पहले बलराम को दी थी यातना, दोनों हाथ तोड़े, गर्दन तोड़कर सिर को कूंचा, शव को सीमेंट की बोरी में ठूंसा
Tue, 28 Jul 2020 08:59 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 28 Jul 2020 08:59 AM IST
विज्ञापन
kidnapped student found dead
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर के किशोर बलराम के अपहरण और हत्या में बदमाशों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं। जांच एजेंसियों के मुताबिक हत्या से पहले बलराम को यातना दी गई थीं। दोनों हाथ पीछे उठाकर तोड़ दिए गए थे। गर्दन भी टूटी थी। सिर को निर्ममता से कूंचा गया था। हत्या के बाद शव सीमेंट की बोरी में ठूंस दिया था। बोरी में डालने से पहले पैर को जोर देकर मोड़ा गया था। जब शव बोरे से निकाला गया तो एक बार पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ के लोगों की रूह कांप गई।
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कइयों की आंखों से आंसू निकल आए। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगा कि किशोर की हत्या से पहले कितनी यातनाएं दी गईं थीं। किशोर बलराम के अपहरण और हत्या में उसके गांव के आसपास के ही पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। इसमें हसनगंज जंगलधूसड़ का एक मोबाइल विक्रेता भी शामिल है। मोबाइल विक्रेता ने ही फर्जी नाम, पते पर सिम दिया था।
मृतक के घर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
फिरौती मांगने में इसी सिम का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने सबूतों के आधार पर मोबाइल विक्रेता समेत दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। इन्हीं की निशानदेही पर बलराम का शव बरामद किया गया। इन सबसे पूछताछ की जा रही है। तीन और आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अपहरण और हत्याकांड में नई उम्र के लड़के शामिल हैं। ज्यादातर बलराम व उसके परिवार से परिचित लग रहे हैं। तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मृतक के घर पहुंचे विधायक
- फोटो : अमर उजाला
एटीएफ, क्राइम ब्रांच की टीमें भी लगीं
इस वारदात के पर्दाफाश में एसटीएफ की गोरखपुर इकाई और क्राइम ब्रांच भी लगी है। एसटीएफ पहले भागे हुए तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी करने में जुटी है। इसके लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। एसटीएफ की टीम अपहरण के साथ पुरानी दुश्मनी और लेनदेन के विवादों की जांच कर रही है। फिलहाल, बलराम के माता और पिता से कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। वे दोनों इकलौते बेटे की मौत से गमगीन हैं। कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।
इस वारदात के पर्दाफाश में एसटीएफ की गोरखपुर इकाई और क्राइम ब्रांच भी लगी है। एसटीएफ पहले भागे हुए तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी करने में जुटी है। इसके लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। एसटीएफ की टीम अपहरण के साथ पुरानी दुश्मनी और लेनदेन के विवादों की जांच कर रही है। फिलहाल, बलराम के माता और पिता से कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। वे दोनों इकलौते बेटे की मौत से गमगीन हैं। कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।
विज्ञापन
मृतक का पिता
- फोटो : अमर उजाला
योजना बनाकर घटना को दिया अंजाम
जांच एजेंसी के मुताबिक बदमाशों ने वारदात को योजना बनाकर अंजाम दिया। आरोपियों ने जुलाई में ही फर्जी नाम, पते पर नया सिम लिया था। इसी सिम से फिरौती मांगी गई। आरोपियों का अनुमान था कि फर्जी नाम, पते की वजह से पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पाएगी। हालांकि पुलिस ने मोबाइल दुकानदार को हिरासत में लेकर आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
जांच एजेंसी के मुताबिक बदमाशों ने वारदात को योजना बनाकर अंजाम दिया। आरोपियों ने जुलाई में ही फर्जी नाम, पते पर नया सिम लिया था। इसी सिम से फिरौती मांगी गई। आरोपियों का अनुमान था कि फर्जी नाम, पते की वजह से पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पाएगी। हालांकि पुलिस ने मोबाइल दुकानदार को हिरासत में लेकर आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।