गोरखपुर में सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल का मंदिर फोरलेन के किनारे ही बनेगा। इसके लिए नगर निगम की 800 वर्ग मीटर जमीन मंदिर प्रबंधन को दी जाएगी। वहीं सिंधी धर्मशाला के लिए कहीं और जमीन दी जाएगी। फोरलेन के निर्माण की जद में आए मंदिर के ढांचे को सोमवार को हटा दिया गया था।
2 of 5
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल सिंधी समाज इस बात के लिए राजी नहीं था कि झूलेलाल का मंदिर वहां से हटाया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद समाज के लोग मंदिर के लिए दूसरे स्थान पर जमीन लेने और भव्य मंदिर बनाने पर राजी हो गए।
3 of 5
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
वहीं मंगलवार को मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन की जद में आए मकानों और दुकानों को तोड़ने के साथ ही उनके मलबे को साफ करने का काम पूरे दिन चलता रहा।
4 of 5
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि नया झूलेलाल मंदिर पहले वाले से भव्य होगा। धर्मशाला कहीं और बनाई जाएगी। उसके लिए अलग से जमीन दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन दुकानों व मकानों को तोड़ा गया था, मंगलवार को उनके मलबे को साफ करने का काम किया गया।
5 of 5
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि जिन लोगों की दुकानें टूटी हैं, उन्हें दुकान देने के लिए गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन कटिबद्ध है। मंदिर के पास की जमीन पर दुकान बनाने के लिए जीडीए से नक्शा पास कराया जा रहा है। जल्द ही दुकानों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।