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तंत्र-मंत्र के चक्कर में मासूम की हत्या: दो साल में पांच लोगों की अंधविश्वास में गई जान, सगे ही निकले कातिल

Thu, 07 Apr 2022 12:45 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 07 Apr 2022 12:45 PM IST
सार

गोरखपुर  जिले के बांसगांव में बुधवार दोपहर का एक किशोर का शव झाड़ियों में मिला था। उसके हाथ पर एक लाल कपड़ा बांधा गया था, जिसे देखकर लगता है कि यह हत्या तंत्र-मंत्र के चक्कर में हुई है। ठीक ऐसी ही एक घटना पिपराइच में अगस्त 2021 में हुई थी।

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Innocent murder due to occultism In two years five people lost lives in superstition gorakhpur
रोते बिलखते परिजन। (इनसेट में मृतक) - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर जिले के बांसगांव इलाके के बहोरवा में साल के लक्ष्य की हत्या किसने और क्यों की, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गईं हैं। बच्चे के पिता ने किसी दुश्मनी से इनकार किया है। फिलहाल, पुलिस हत्या की असली वजह तलाशने में उलझी है।


 
पुलिस अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। बच्चे के हाथों को लाल कपड़े से बांधा गया है। कुछ इसी तरह की वारदात अगस्त-2021 में पिपराइच इलाके में भी हुई थी। यही वजह है कि पुलिस तंत्र-मंत्र में हत्या के बिंदु पर भी जांच कर रही है। पुलिस को पूरा यकीन है कि हत्या में कोई आसपास का ही शामिल है। लिहाजा, सगे-संबंधी भी जांच के दायरे में हैं।

 

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मृतक किशोर। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

हत्या में करीबी के शामिल होने की आशंका
सात साल के मासूम की हत्या के बाद जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिससे ये संकेत मिल रहे हैं कि कातिल घर और घटनास्थल से पूरी तरह से परिचित है। जिस वक्त बच्चा गायब हुआ, उस वक्त घर के दरवाजे पर खेल रहा था। बीच गांव से सात साल के बच्चे का जबरन अपहरण होता तो वह शोर जरूर मचाता और गांव के बीच से उसे लेकर जा पाना आसान नहीं होता। दूसरे, जिस झाड़ी में बच्चे का शव मिला है, उसमें पुलिस ने भी बच्चे की तलाश की थी। घरवाले मंगलवार को भी झाड़ी की ओर खोजते गए थे। इससे यही लग रहा है कि हत्या करने के बाद शव को लाकर फेंका गया है। इससे एक बात साफ है कि उस जगह से भी कातिल परिचित था। जिससे ऐसे समय का इस्तेमाल किया गया है कि उसे फेंकते हुए कोई देखे नहीं। फिलहाल, पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।

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शव के पास रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।

फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए
बच्चे का शव मिलने के बाद फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। टीम ने घटनास्थल पर जाकर एक-एक बिंदु की जांच की। पैरों के निशान से संबंधित मिट्टी या फिर दूसरे साक्ष्यों से जुड़े नमूने लिए। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को कुछ सुराग मिल सकते हैं।
 

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गजेंद्र हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।

लापता गजेंद्र की ऐसे ही मिली थी लाश
18 अगस्त 2021 में पिपराइच के मटिहानिया गांव के पांच साल का मासूम गजेंद्र 18 अगस्त को घर से लापता हो गया था और अगली ही सुबह उसकी लाश मिली थी। घर से कुछ दूरी पर ही खेत में मिले मृत गजेंद्र के दोनों हाथों को पीछे कर काले कपड़े से बांधा गया था। उसके भी मुंह में कपड़े ठूंसे हुए थे। दोनों ही घटना में बच्चा गायब होने के बाद फेंका मिला था। यही वजह है कि पुलिस तंत्र-मंत्र के एंगल पर भी काम कर रही है।

 

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गोरखपुर गजेंद्र हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।

इनकी हो चुकी है हत्या

19 अगस्त 2021 : पिपराइच के मटिहानिया गांव में पांच साल के मासूम गजेंद्र की हत्या हुई थी
26 जुलाई 2020 : पिपराइच इलाके के मिश्रौलिया में 14 वर्षीय बलराम की हत्या की गई।
27 जुलाई 2021 : हरपुर बुदहट इलाके में भाजपा नेता की मां और उसके मासूम बच्चे की हत्या
8 मई 2021 : बांसगांव के विशुनपुर में सात वर्षीय आलोक की पड़ोसी ने हत्या की
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