जनवरी के महीने में मकर संक्रांति के पहले सामान्य तौर पर इतनी ठंड होती है कि लोग स्वेटर-मफलर दस्ताना लपेटे रहते हैं। साथ ही ठंड से बचाव के लिए अन्य सारे जुगत लगाते हैं, लेकिन इस बार मौसम कुछ बदला हुआ सा है। सड़क से लेकर पार्क एवं दफ्तरों में भी लोग बिना स्वेटर के नजर आ रहे हैं।
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धूप खिलने के बाद बिना स्वेटर सड़क पर घूमते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
वजह यह है कि दिन का तापमान जनवरी के सामान्य 22 डिग्री तापमान की तुलना में तकरीबन पांच से छह डिग्री ज्यादा रह रहा है। जनवरी के पहले सप्ताह में लगातार अधिकतम तापमान लगातार 25 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। ऐसी स्थिति 13 साल पहले 2007 में दर्ज की गई थी।
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धूप का आनंद लेती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला।
2007 में भी दिसंबर का पहला सप्ताह काफी गर्म रहा था और अधिकतम तापमान 26 डिग्री के ऊपर दर्ज किया गया था। हालांकि प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले 14 साल के दौरान जनवरी के महीने में अधिकतम तापमान 2006 में 28.2 डिग्री सर्वाधिक रहा है। हालांकि यह तापमान जनवरी के अंतिम सप्ताह में 25 को दर्ज किया गया था।
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रामगढ़ताल में बोटिंग का आनंद लेते युवा।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडे का कहना है कि मौसम का यह मिजाज साइबेरिया के ऊपर गर्म हवाओं के चलने की वजह से हो रहा है। साथ ही दूसरी वजह यह है कि वायुमंडल में करीब 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर गर्म हवाएं चल रही हैं।
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रामगढ़ताल किनारे धूप का आनंद लेती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला।
ऐसे में साइबेरिया के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ इतनी सक्रिय ढंग से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस वजह से जनवरी के पहले सप्ताह में भी इतनी ज्यादा गर्मी हो रही है। और क्लाइमेट चेंज एक बड़ी वजह तो है ही।