गोरखपुर के कैंपियरगंज के प्रेमी जोड़े नीतू (24) और विश्वनाथ सिंह (24) इंस्टाग्राम से दोबारा संपर्क में आए थे। फिर बिछड़ने के डर से दोनों ने साथ जान देने का इरादा बनाया। चिलुआताल इलाके चिउटहां पुल के पास एक खेत में दोनों ने सल्फास की 17 गोलियां खाकर खुदकुशी की। बृहस्पतिवार सुबह दोनों के अर्धनग्न शव मिले थे।
कैंपियरगंज बजहां गांव निवासी विश्वनाथ के बड़े भाई बृजेश सिंह ने बताया कि चार साल से दोनों के बीच संबंध था। लड़की के परिवार वाले इस संबंध से एतराज करते थे। इसको लेकर दोनों परिवार के बीच पंचायत हुई थी। इसमें विश्वनाथ को बाहर भेजने का फैसला हुआ था। ताकि परिवार के लोग नीतू की शादी करा सकें।
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घटनास्थल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इंस्टाग्राम से दोबारा मिले नीतू-विश्वनाथ
विश्वनाथ के बड़े भाई बृजेश सिंह ने बताया कि वह विश्वनाथ को अपने साथ दिल्ली लेकर गया। वहां मेरे ही साथ ही वह काम करने लगा। इस दौरान नीतू से पूरी तरह से उसने दूरी बना ली थी। उधर, लड़की के परिजनों ने नीतू की शादी करवा दी। वह अपनी ससुराल जाकर रहने लगी। डेढ़ साल पहले पति से तलाक लेकर वह दोबारा अपने घर आ गई। इसके बाद वह शहर में अपनी मौसी के घर रहने लगी। इसी बीच इंस्टाग्राम से एक बार फिर उसने भाई विश्वनाथ को ढूंढ निकाला। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। नजदीकियां बढ़ने पर दिल्ली से विश्वनाथ फिर घर लौट आया।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शादी की कर रहा था जिद
बृजेश ने बताया कि भाई से नीतू कहती थी कि शादी नहीं करोगे तो जहर खाकर जान दे दूंगी। आए दिन विश्वनाथ उससे मिलने शहर जाने लगा। कई दिन तो घर ही नहीं वापस आता था। घटना से दो दिन पहले उसने कॉल कर बताया कि वह नीतू को लेकर भाग गया है। हमलोगों ने उसे डांटा भी था। यह भी कहा कि घर आने की जरूरत नहीं है। तब उसने रुपये की मदद मांगी थी। घर आकर कपड़े, बिस्तर और कुछ रुपये ले गया था।
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गोरखपुर में मिले शव
- फोटो : अमर उजाला
दोनों चार दिन से सल्फास की शीशी साथ लेकर घूम रहे थे। मुझे यह जरा भी अहसास नहीं था कि वे ऐसा कदम भी उठा लेंगे। भाई को समझाया था कि कुछ दिन बाहर रह लो फिर सभी लोग स्वीकार कर लेंगे। इसी बीच उसके ऊपर नीतू के घरवालों ने केस दर्ज करा दिया था। दोनों फिर अलग नहीं होना चाहते थे, इसलिए ऐसा घातक कदम उठाया।
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घटनास्थल
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गांव में होती रही चर्चा
घटना को लेकर शुक्रवार को पूरे दिन नीतू और विश्वनाथ के बारे में बात होती रही। लोगों को कहना था कि परिवार तैयार होता तो, दोनों की जान बच जाती। लोगों का कहना था कि विश्वनाथ का व्यवहार बहुत अच्छा था। वह ऐसा कर लेगा यह किसी ने नहीं सोचा था। वहीं नीतू के घर पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। परिवार के लोग घर के अंदर ही बैठे रहे। वे नीतू के इस कदम से बेहद नाराज हैं।