अनलॉक-1 के तहत सोमवार को सड़कों पर भीड़ देख यह अंदाज लगा पाना कठिन हो रहा था कि शहर ढाई महीने तक लॉकडाउन या किसी संक्रमण कॉल से होकर गुजर रहा है। चारों तरफ वाहनों की चिल्ल-पों गूंज रही थी तो पहले की ही तरह कई सड़कों पर सोमवार का जाम भी लगा। कचहरी, गणेश चौक, अंबेडकर चौराहा समेत शहर के कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिपाही और होमगार्ड पूरे दिन हांफते रहे। बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या बढ़ी है तो पटरी व्यवसाय भी शुरू हो गया।
मॉल, होटल-रेस्त्रां को ग्राहकों का रहा इंतजार, सड़कें-बाजार पूरी तरह गुलजार, देखें तस्वीरें
गोलघर, सिनेमा रोड, बैंक रोड पर जूते-चप्पल बनाने वालों से लेकर बेल्ट, चश्मा और टोपी की दुकानें सजी मिलीं। हालांकि मॉल, होटल- रेस्त्रां का पहला दिन साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन और ग्राहकों के इंतजार में ही गुजरा। कुछ रेस्त्रां में गिनती के लोग पहुंचे और अपनी पसंद का फास्ट फूड पैक कराकर घर की राह पकड़ ली। सरकारी दफ्तर, पूरी क्षमता के साथ संचालित होने लगे हैं मगर अभी भी फरियादियों का प्रवेश और कोर्ट बंद हैं। वहीं 75 दिन बाद प्राइवेट दफ्तरों के ताले खुले तो दिन भर काम हुआ।
स्थान- मोहद्दीपुर
समय- दोपहर 12.10 बजे
ओरियन मॉल में खामोशी, रेडिसन ब्लू में पूरा एहतियात
ओरियन मॉल में संक्रमण रोकने के सभी इंतजाम एक दिन पहले रविवार को ही कर लिए गए मगर सोमवार का मॉल की दुकानें, फूड कोर्ट नहीं खुल सके। मॉल के निदेशक सुमित टेकड़ीवाल का कहना है कि जिला प्रशासन की तरफ से रविवार की दोपहर में ही मॉल खोलने की जानकारी मिली। सभी कंपनियों को मेल कर इसकी जानकारी दी गई मगर ज्यादातर के मैनेजर सोमवार को समय से पहुंच नहीं सके। मंगलवार तक सभी के आ जाने की उम्मीद है जिसके बाद दुकानें खुल जाएंगी। उधर होटल रेडिसन ब्लू के मुख्य द्वार से लेकर रिसेप्शन तक सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा इंतजाम दिखा। हालांकि पहले दिन गिनती के ही कमरों की बुकिंग हुई। बिग बाजार में गार्ड, सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लोगों के बीच फासले तय कर रहे थे। मोहद्दीपुर की अन्य इलेक्ट्रानिक दुकानों पर भी फ्रिज, कूलर खरीदने वाले कुछ लोग पहुंचे तो कुछ मोबाइल खरीदने में भी जुटे थे।
स्थान- गोलघर
समय- दोपहर 12:50 बजे
बाजार की रौनक का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि तपती दुपहरी में भी कचहरी चौराहे से लेकर इंदिरा तिराहे तक सड़क के दोनों तरफ लाइन से चार पहिया और दो वाहन पार्क थे। बिजली घर में बिल काउंटर पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लाइन लगी थी तो भीतर के कमरों में कुछ लोग बिल सुधार के लिए खड़े थे। फाइन ड्रेसेज में कुछ अभिभावक अपने बच्चों की ड्रेस खरीदने में मशगूल थे तो ड्रेस लैंड पर कपड़ों की बाकी दुकानों की तुलना में थोड़ा ज्यादा चहल पहल थी। चाट-फुल्की और ठेले पर सजी डोसे की दुकानों पर दो चार लोग जायके का आनंद उठा रहे थे। हालांकि मोबाइल की दुकानों का सोमवार को रोस्टर नहीं होने की वजह से बलदेव प्लाजा के ज्यादातर हिस्सों में खामोशी दिखी। बॉबीज रेस्त्रां पर गार्ड हर आने-जाने वाले को सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही एंट्री दे रहा था। पांच-10 लोगों के बाद गार्ड लोगों को बाहर ही रोक दे रहा था। सामान पैक कराने के बाद जब लोग बाहर निकल जाते तो बाहर खड़े लोगों को भीतर जाने दिया जा रहा था।
स्थान- रेती रोड
समय- दोपहर 1.30 बजे
सड़कों पर भीड़ ज्यादा, कपड़े की दुकानें बंद
रेती रोड पर पहले की ही तरह खूब भीड़ दिखाई पड़ी। माया चौराहे पर आधे घंटे के ही अंतराल पर दो बार जमा लगा तो होमगार्ड को मोर्चा संभालना पड़ा। शाहमारूफ की रेडीमेड कपड़ों और इलेक्ट्रानिक्स की दुकानों पर भीड़ थी। मगर रेती रोड के दोनों तरफ की कपड़ा और साड़ी की दुकानों के शटर रोस्टर की वजह से गिरे रहे। रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर मालिक और कर्मचारी रास्ते की तरफ नजरें गड़ाए ग्राहकों की राह जोह रहे थे। अलबत्ता साइकिल की बड़ी दुकानों पर कुछ लोग बच्चों के लिए साइकिल खरीदते जरूर दिखे।