बजट में 200 करोड़ रुपये मिलने से अब गोरखपुर मेट्रो की तैयारियों में और तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल जून 2017 में सर्वे से शुरू हुआ गोरखपुर मेट्रो की तैयारियों का सफर करीब ढाई साल बाद अब डीपीआर तैयार होने तक पहुंच चुका है। शहर में 4589 करोड़ से तीन बोगियों की मेट्रो दौड़ेगी।
UP Budget: गोरखपुर मेट्रो को मिली 200 करोड़ रुपये की सौगात, जानिए कहां-कहां बनेंगे स्टेशन?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसे लेकर डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी राईट्स ने नोडल एजेंसी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को मेट्रो का डीपीआर देखने के लिए भेजा था। प्राधिकरण के अभियंताओं ने इसका अवलोकन कर विंध्यवासिनी पार्क के बजाए दूसरी जगह मेट्रो का स्टोर बनाने की सिफारिश की है। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि प्राधिकरण ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है ताकि स्टोर रूम को कहीं और शिफ्ट कराया जा सके। वहीं मुख्य अभियंता ने बताया कि डीपीआर फाइनल हो चुका है। अब सिर्फ स्टोर रूम बदलने का छोटा सा बदलाव होगा।
हाल ही में मेट्रो के डीपीआर में कुछ परिवर्तन भी किया गया। मसलन दूसरे रुट को कचहरी से बढ़ाकर नौसड़ तक कर दिया गया है जबकि पहले रूट को सूबा बाजार से पहले ही एमएमएमयूटी तक सीमित कर दिया गया है। इसी तरह सूबा बाजार की जगह अब महेसरा में डिपो बनेगा। इस बदलाव के बाद तीन जनवरी को लखनऊ में हुई एक बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने गोरखपुर में चलने वाले मेट्रो परियोजना संबंधी कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने ही तीन बोगियों वाली मेट्रो का प्रस्ताव तैयार करने के साथ ही रेलवे स्टेशन के पास ही मेट्रो स्टेशन तैयार करने का निर्देश दिया था। इसके बाद डीपीआर में एक और बड़ा बदलाव कर दो बोगियों की जगह तीन बोगियों वाली गोरखपुर मेट्रो का प्रस्ताव तैयार किया।
पहला कॉरीडोर
15.14 किमी लंबा पहला कॉरीडोर श्याम नगर, बरगदवां, शास्त्री नगर, नथमलपुर, गोरखनाथ मंदिर, हजारीपुर, धर्मशाला, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, गोरखपुर यूनिवर्सिटी, मोहद्दीपुर, रामगढ़ताल, एम्स, मालवीय नगर से एमएमएमयूटी तक का होगा। यानी इसपर 14 स्टेशन होंगे। एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2024 में 1.55 लाख लोगों के इसमें रोजाना सफर करने की उम्मीद है। यात्रियों की यह संख्या 2031 में बढ़कर 2.05 लाख होगी जबकि अगले दस साल यानी वर्ष 2041 तक इसमें 2.73 लाख लोग रोजाना सफर कर सकेंगे।
दूसरा कॉरीडोर गुलरिहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, मुगलहां, खजांची बाजार, बशारतपुर, अशोक नगर, विष्णु नगर, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर, कचहरी चौराहा होते हुए नौसड़ तक का होगा। इसकी लंबाई 12.70 किमी लंबे इस रूट पर 12 स्टेशन प्रस्तावित है। इस रूट पर 2024 में 1.24 लाख यात्रियों के रोजाना सफर करने की उम्मीद है। 2031 तक यह संख्या बढ़कर 1.73 लाख और अगले दस साल मेें 2.19 लाख लोगों के रोजाना सफर करने के आसार हैं।