उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में अभी हाल ही में नोडल अधिकारी संजय आर भूसरेड्डी ने जलभराव के हालातों की समीक्षा की। इस दौरान नगर निगम प्रशासन ने शहर की मुख्य सड़कों पर हुए जलभराव की रिपोर्ट प्रस्तुत की। लेकिन मुख्य सड़कों से जुड़ी अंदर की कॉलोनियों को भूल गए। यहां अब भी घुटने भर पानी में लोग आवाजाही कर रहे हैं। जलभराव वाली कॉलोनियों के लोगों ने आरोप लगाया है कि मुख्य सड़कों की ही समीक्षा सिर्फ की जाती है, गलियों की नहीं। यह ठीक बात नहीं है।
जलभराव से परेशान लोगों ने जताई नाराजगी, कहा- मुख्य सड़कों की हो रही है समीक्षा, गलियों की नहीं
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केस-1
वार्ड नंबर 28 जंगल सालिक राम के इंद्रप्रस्थपुरम कॉलोनी में सड़क पर 15 दिनों से पानी भरा हुआ है। पानी निकालने के लिए पंपिंगसेट लगा हुआ है, लेकिन मात्र दो-तीन घंटे पंप के चलने की वजह से जलभराव की समस्या दूर नहीं हो रही है।
केस-2
वार्ड नंबर 28 के ही शताब्दीपुरम में 20 दिनों से सड़क पर जलभराव है। पंपिंगसेट नहीं लगाया गया है लिहाजा अब भी यहां जलभराव है। स्थानीय लोग घुटने भर पानी में आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
केस-3
वार्ड नंबर 13, शिवपुर सहबाजगंज में बीज गोदाम के पीछे चैतन्यपुरी कॉलोनी में सड़क नाली से नीचे हो गई है। बारिश के बाद यहां पिछले 10 दिनों से जलभराव है। लेकिन इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम कोई इंतजाम नहीं कर रहा है।
सबसे खराब हालात शहर के निचले इलाकों के हैं। नौसड़, तारामंडल, जंगल सालिक राम, रानीबाग आदि कई इलाके ऐसे हैं, जहां जलभराव है। इसकी वजह से लोग काफी परेशान हैं। कुछेक इलाकों में नगर निगम ने पंप सेट लगाए हैं। फिर भी अपेक्षित समय तक इन्हें न चलाने से समस्या दूर नहीं हो रही है।