पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से गोरखपुर की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। घाघरा, राप्ती, रोहिन और कुआनो खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं। मंगलवार को अयोध्या में घाघरा खतरे के निशान को पार कर गई तो गोरखपुर में राप्ती तेजी से बढ़ने लगी है। यह खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
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- फोटो : अमर उजाला।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग ने अलर्ट जारी किया है। उधर, मंगलवार को वाल्मीकि नगर बैराज पर 420000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। इससे आने वाले 24 घंटे में सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
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केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार सुबह अयोध्या में घाघरा नदी का जलस्तर 92.790 मीटर था, जबकि शाम को 92. 840 मीटर पर पहुंच गया। नदी पर खतरे का निशान 92.730 मीटर है। वहीं, राप्ती बर्डघाट में सुबह 75.170 मीटर पर बह रही थी, जबकि जलस्तर शाम को 75.250 मीटर पर पहुंच गया।
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इसी तरह कुआनो नदी चंद्रदीप घाट पर 89.170 मीटर से बढ़कर शाम में 89.260 मीटर पर पहुंच गई। रोहिन नदी त्रिमोहानी घाट पर सुबह 82.330 मीटर से बढ़कर शाम को 82.500 मीटर पर पहुंच गई। बड़ी गंडक का जलस्तर वाल्मीकि नगर बैराज पर सुबह 110. 060 मीटर था जो शाम को 109.960 मीटर पर पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 109.670 मीटर है।
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सरयू और कुआनो नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीण सहमे
सरयू और कुआनो नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण क्षेत्र के जिगिनिया, मठराम गिरी, बेलाव, बरपरवा, जितवारपुर, बसही, कटया, बेइली, कुरावल सोनकर टोला, सीधवाना, चाईपुर आदि गांवों के लोग सहमे हुए हैं। तराई क्षेत्रों में नदियों का पानी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। जिससे कई संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं।