उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बहने वाली प्रमुख नदियों में घाघरा को छोड़ सभी का जलस्तर बढ़ रहा है। घाघरा नदी का जल स्तर रविवार शाम को अयोध्या में कम हुआ जबकि राप्ती नदी खतरे के निशान से मात्र आधा मीटर नीचे रह गई है। जिस तरह से जलस्तर बढ़ रहा है, यदि यही हाल रहा तो राप्ती जल्द ही खतरे के निशान के करीब पहुंच जाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला।
उधर, रोहिन और कुआनो का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक घाघरा नदी अयोध्या में रविवार की सुबह 92. 750 मीटर तो शाम को 92. 450 मीटर पर स्थिर थी। राप्ती नदी गोरखपुर में 74.330 मीटर थी तो शाम को 74.440 मीटर पहुंच गया। इसी प्रकार कुआनो नदी मुखलिसपुर में सुबह 77.850 मीटर तो शाम को 77. 950 मीटर पर पहुंच गया। इसका खतरे का निशान 78.850 मीटर है।
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राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बांध पर बने रेगुलेटरों की मॉनिटरिंग तेज हो गई है। रविवार को नगर आयुक्त ने दूसरे दिन भी कुछ रेगुलेटरों का निरीक्षण किया। यहां तैनात कर्मचारियों को नियमित रूप से उन्हें चलाने की हिदायत दी।
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शहर से निकलने वाले पानी को राप्ती नदी में जाने के लिए राप्ती तट पर 11 रेगुलेटर बनाए गए हैं। जब राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने लगता है तो नदी का पानी शहर में प्रवेश कर जाता है। ऐसे में इन रेगुलेटरों को बंद कर पंप के जरिए शहर का पानी राप्ती नदी में डाला जाता है। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए नगर आयुक्त ने रविवार को डोमिनगढ़ और बसियाडीह पंपिंग स्टेशनों का निरीक्षण किया।
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राप्ती नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डोमिनगढ़, इलाहीबाग, कटनिया और बसियाडीह में सिंचाई विभाग के रेगुलेटर को बंद कर दिया है। नगर निगम द्वारा चारों स्थानों पर पंपिंग स्टेशन को चालू कर दिया गया है। अब शहर का पानी पंप कर राप्ती नदी में बहाया जा रहा है। नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि पंपिंग स्टेशनों को लगातार चलाने का निर्देश दिया गया है। जलभराव की स्थिति नहीं आने दी जाएगी।