नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। राप्ती नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बड़ी गंडक और घाघरा नदी में पानी तेजी से बढ़ा है। घाघरा नदी अयोध्या में खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, उधर, सोमवार को जिले के दो और गांव बाढ़ के पानी से घिर गए। अब ऐसे गांवों की संख्या 31 हो गई है।
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गोरखपुर बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़े के मुताबिक सोमवार को अयोध्या में घाघरा नदी सुबह 92.550 मीटर पर बह रही थी जो शाम को 92. 670 पर पहुंच गई। यहां खतरे का निशान 92.730 मीटर पर है। वहीं राप्ती नदी गोरखपुर में सुबह 75.160 मीटर पर बह रही थी।
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गोरखपुर बाढ़।
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शाम को 75.165 मीटर पर पहुंच गई। कुआनों नदी चंद्रदीप घाट पर शाम को 89.1320 पर बह रही थी। रोहिन नदी का जलस्तर त्रिमोहानी घाट पर सुबह 82.090 था। यह शाम को घटकर 82.070 मीटर पर आ गया। बड़ी गंडक नदी का जलस्तर पर वाल्मीकि नगर बैराज पर सुबह 108.110 मीटर पर था, शाम को यह 108. 410 पहुंच गया। शाम को यहां से 244600 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
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गोरखपुर बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
पिछले कुछ दिनों से नेपाल की पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में बारिश न होने से जिले की ज्यादातर नदियों का जलस्तर स्थिर है या फिर उतार पर है। हालांकि मंगलवार को घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिले में बहने वाली कुआनो और रोहिन का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
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गोला बाजार के पास घाघरा नदी का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
31 गांव बाढ़ के पानी से घिरे
जिले में अब तक 31 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इन गांवों से लोगों के आने जाने के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। जिले में एनडीआरएफ भी तैनात कर दी गई है। सर्वाधिक सहजनवां तहसील के 16 गांव पानी से घिरे हैं।