गोरखपुर जिले में राप्ती और रोहिन समेत सभी नदियों का जलस्तर कम होने से बाढ़ से घिरे गांवों का भी पानी निकलने लगा है। बांध पर या रिश्तेदारों के घर शरण लिए लोग अब अपने घरों को लौटने लगे हैं। हालांकि अभी बाढ़ प्रभावितों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों के सामने भोजन-पानी का संकट बना हुआ है।
पिछले सप्ताह रोहिन, राप्ती, घघरा, आमी और गोर्रा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। इसके चलते गोरखपुर शहर की शिवपुर कॉलोनी, मोहरीपुर, ग्रीन सिटी, राजेंद्र नगर के अलावा शहर के नजदीक बसे डोमिनगढ़, उत्तरी कोलिया व दक्षिणी कोलिया, नया गांव, बहरामपुर, चपरा पूर्वी, कठउर समेत दर्जन भर से अधिक गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए थे। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
किसी-किसी मोहल्ले में सात से आठ फुट तक पानी भरा हुआ था। अब सभी नदियों का जलस्तर कम होने से इन मोहल्लों व ग्रामीण इलाकों में भरा पानी उतरने लगा है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां जस की तस हैं। हर्बर्ट बांध के किनारे रह रहे बहरामपुर गांव के लोग हों या रिंग बांध पर रह रहे कोलिया उत्तरी व दक्षिणी के लोग, हर जगह भोजन-पानी का संकट बना हुआ है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
मोबाइल नहीं हो पा रहा चार्ज
बाढ़ प्रभावित इलाकों में एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति ठप है। ऐसे में जो लोग अपने घर पहुंचे हैं वे बिना बिजली के वक्त गुजार रहे हैं। लोगों का मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहा है। इस वजह से परिजनों को आपसी संवाद में दिक्कत आ रही है। अभी यह स्थिति सुधरने में कम से कम एक सप्ताह का वक्त लगेगा। क्योंकि अधिकांश जगह ट्रांसफार्मर के पास तक पानी भरा है। लिहाजा अभी बिजली आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद नहीं है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
रास्तों पर भरा है पानी
नदियों का जलस्तर कम होने के बाद आबादी से पानी निकल तो रहा है, लेकिन अभी रास्ते खाली नहीं हुए हैं। हर जगह रास्तों पर दो से तीन फुट तक पानी लगा है। कोलिया उत्तरी गांव में रेलवे लाइन की तरफ से एक रास्ते पर करीब डेढ़ फुट पानी भरा है, जबकि इसी गांव के दक्षिण तरफ बांध की ओर से लगभग चार फुट तक पानी रास्ते पर है। लिहाजा ग्रामीणों का आवागमन नाव के सहारे ही हो रहा है।
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गोरखपुर में जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला।
सड़क पर कर रहे हैं दाह संस्कार
बाढ़ का पानी चढ़ने की वजह से दाह संस्कार स्थल गौरीघाट पूरी तरह से डूब गया है। ऐसे में लोग सड़क पर ही दाह संस्कार करने को मजबूर हैं। चौरीचौरा तहसील के ब्रह्मपुर ब्लॉक में स्थित गौरीघाट पर काफी दूर से लोग दाह संस्कार के लिए आते हैं। लेकिन गोर्रा नदी का बांध टूटने की वजह से दाह संस्कार स्थल जलमग्न हो गया है।