फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Gorakhpur: रोजाना क्षमता से अधिक उत्पादन कर रहा खाद कारखाना, पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन

Sat, 12 Nov 2022 03:11 PM IST
vivek shukla अरूण चंद, गोरखपुर।
अरूण चंद, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 12 Nov 2022 03:11 PM IST
विज्ञापन
Gorakhpur fertilizer factory producing more than daily capacity
पीएम मोदी ने 2021 में किया था शुभारंभ। - फोटो : अमर उजाला।

एक साल के भीतर ही गोरखपुर खाद कारखाना न केवल पूरी क्षमता के साथ दौड़ने लगा बल्कि क्षमता से अधिक उत्पादन करने लगा है। पिछले एक सप्ताह से कारखाने में रोजाना चार हजार मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हो रहा है जबकि कारखाने की उत्पादन क्षमता 3850 मीट्रिक टन है। फरवरी से अब तक कारखाने से चार लाख मीट्रिक टन यूरिया, पूर्वांचल समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भेजी जा चुकी है।


 

Gorakhpur fertilizer factory producing more than daily capacity
गोरखपुर खाद कारखाना - फोटो : अमर उजाला।

यही नहीं, कारखाने की मशीनें लगाने वाली जापानी कंपनी टोयो ने अब इसे हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) को हैंडओवर कर दिया है। यानी अब मशीनों के संचालन एवं रख-रखाव की भी पूरी जिम्मेदारी एचयूआरएल की हो गई है।     

Gorakhpur fertilizer factory producing more than daily capacity
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

करीब तीन दशक बाद दोबारा शुरू हुए इस कारखाने ने मई 2022 में रोजाना तीन हजार मीट्रिक टन से अधिक का उत्पादन शुरू कर दिया था। 20 जुलाई तक कारखाने से 3619 मीट्रिक टन का उत्पादन शुरू हो गया था। अब कारखाना अपनी क्षमता से अधिक उत्पादन करने लगा है। दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने कारखाने का शुभारंभ किया था। फरवरी 2022 से कारखाने में नियमित उत्पादन शुरू हुआ। शुरूआत में 1,800 से 1,900 मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हो रहा था।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Gorakhpur fertilizer factory producing more than daily capacity
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

पूर्वांचल के साथ पश्चिम यूपी, बिहार तक जा रही यूरिया
एचयूआरएल की ओर से स्थापित खाद कारखाने से बनने वाला यूरिया गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल और पश्चिम यूपी व बिहार तक भेजा जा रहा है। गोरखपुर खाद कारखाने के प्रिलिंग टॉवर की ऊंचाई दुनिया के खाद कारखानों में सबसे अधिक (149.5 मीटर) होने की वजह से यहां बनने वाली यूरिया खास है। यूरिया के दाने काफी छोटे होते हैं, जो खेतों में जल्द घुल जाते हैं।

 

विज्ञापन
Gorakhpur fertilizer factory producing more than daily capacity
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर खाद कारखाना के वरिष्ठ महाप्रबंधक सुबोध दीक्षित ने कहा कि खाद कारखाने से तय क्षमता से अधिक उत्पादन हो रहा है। रोजाना 104-105 फीसदी यानी चार हजार मीट्रिक टन खाद का उत्पादन हो रहा है। अब तक चार लाख मीट्रिक टन यूरिया पूर्वांचल समेत विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जा चुकी है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed