सिर पर दउरा और सुपली लेकर घाटों की ओर जाते लोग, पीछे-पीछे ‘सुनिह अरज छठी मइया, बढ़े कुल-परिवार...’ ‘हे छठी मईया हर लीं बलैया हमार...’ ‘कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए...’, ‘रिमिक झिमिक बोलेलीं छठी मइया...’ जैसे गीत गाती महिलाएं, पटाखे जलाते बच्चे, ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच छठी मईया के जयकारे...।
Chhath Puja 2022: सुनिह अरज छठी मइया, बढ़े कुल-परिवार...
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महानगर में सूर्योपासना के महापर्व छठ के तीसरे दिन रविवार को हर ओर छठी मइया के गीतों की गूंज रही। चार दिवसीय इस महापर्व के तीसरे दिन दोपहर दो बजे से ही छठ घाटों पर व्रती महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। तमाम महिलाएं बैंड-बाजे के साथ घाटों पर पहुंचीं। कुछ देर पानी में खड़े होने के बाद शुभ मुहूर्त में अस्ताचलगामी सूर्य को व्रती महिलाओं ने अर्घ्य दिया। राप्ती नदी के गुरु गोरक्षनाथ घाट और रामघाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। यहां भीड़ इतनी हो गई कि पैदल तक चलना मुश्किल हो गया।
जैसे-जैसे अर्घ्य देने का समय निकट आया घाटों पर छठ माता के जयकारे गूंजने लगे। परिवार के पुरुष सदस्यों और पंडितों ने सूर्य देव को अर्घ्य दिलाया। गोरखनाथ मंदिर में भी छठ व्रत की छटा देखने को मिली बड़ी संख्या में महिलाएं भीम सरोवर पहुंचीं और सूर्य को अर्घ्य देकर संतान की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। महानगर के असुरन चौक, रुस्तमपुर, विष्णु पुरम, बौलिया कॉलोनी, कूड़ाघाट, आवास विकास कॉलोनी, इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलंदपुर, गोरखपुर विश्वविद्यालय, बेतियाहाता, मोहद्दीपुर, शाहपुर, सहारा इस्टेट, गीता वाटिका, पादरी बाजार सहित महानगर के कई मुहल्लों और कॉलोनियों के आसपास अस्थायी तालाब बनाए गए हैं जहां व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चना की।
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घरों में छठ माता की कृपा पाने के लिए कोसी भरी गई। कइयों ने मन्नत पूरी होने के बाद छठ माता के प्रति आस्था निवेदित करते हुए कोसी भरी माताओं ने कोसी पर दीप जलाकर छठ माता की पूजा-अर्चना की और रात्रि जागरण कर पूरी रात छठ माता की आराधना में लगी रहीं। सोमवार को व्रती महिलाएं उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी।
रेत से बनी छठ मईया की हुई पूजा-अर्चना
सूर्य उपासना व लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के अवसर पर पूर्वांचल सांस्कृतिक प्रतिष्ठान, मां अकलेश शक्ति सदन और डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव फैंस क्लब की ओर से छठ पर्व पर रेत से बने छठ माता के प्रतिमा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर समाजसेवी दुर्गा प्रसाद, प्रदीप कुमार, डॉ. मनोज कुमार, रंजीत कुमार, संजीत कुमार, मंजीत कुमार, अनुभव कुमार, प्रखर कुमार, डॉ. किरण, अर्चना, डॉ विभा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सूर्यकुंड धाम पर मना 30वां छठ महोत्सव
सूर्यकुंड धाम विकास समिति की ओर से रविवार को सूर्यकुुंड धाम पर 30वां छठ महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गायक मनोज मिहिर के भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। इस दौरान लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, समिति के सचिव संतोष मणि त्रिपाठी, रेलवे कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन प्रह्लाद सिंह, संस्कृति मंत्रालय के सदस्य हरिप्रसाद सिंह, संस्कार भारती की जिला अध्यक्ष रीना जायसवाल व अरविंद चौरसिया ने पर्यावरण दीप प्रज्वलित करके की। कार्यक्रम में 5500 पर्यावरण दीपों से सूर्यकुंड धाम जगमगा उठा। पर्यावरण मित्र बनने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चला। इस अवसर पर मदन राजभर, परमात्मा राम त्रिपाठी, उमाशंकर तिवारी, तपन बोस, अशोक कुमार, गौरव तिवारी, सूरज शर्मा, डॉ. शशांक श्रीवास्तव, रघुनंदन शुक्ला आदि मौजूद रहे।