एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्मी अशोक जायसवाल के अपहरण-फिरौती के मामले में शाहपुर पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 10 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इससे पहले तीन महीने के भीतर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है, जिसे जब्त करने की तैयारी है।
चार्जशीट के अनुसार, पड़ोसी ज्वैलर्स ने साजिश रची थी। सात आरोपियों को अपहरण और फिरौती से जुड़ी गंभीर धाराओं में नामजद किया गया है, जबकि तीन को साजिशकर्ता के रूप में शामिल किया गया है। वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित गिरोह आर्थिक लाभ के लिए अपहरण की वारदातों को अंजाम देता था। इस मामले में भी फिरौती की रकम करोड़ों में वसूलने की साजिश रची गई थी।
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घटना का खुलासा करते एसएसपी और एसपी सिटी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
25 जुलाई की सुबह हुई थी घटना
घटना 25 जुलाई की सुबह की है। आयुष्मान हॉस्पिटल (पादरी बाजार) के संचालक और डॉक्टर सुषमा जायसवाल के पति, एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्मी अशोक जायसवाल रोज की तरह साइकिल से रेलवे स्टेडियम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कौआबाग अंडरपास के पास चारपहिया वाहन से आए बदमाशों ने उन्हें अगवा कर लिया। अपहरण के बाद बदमाशों ने उनकी पत्नी से फोन पर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी।
सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जिलेभर में नाकेबंदी कर तलाश शुरू की गई। पुलिस की मुस्तैदी का नतीजा रहा कि महज 15 घंटे के भीतर अशोक जायसवाल को सकुशल बरामद कर लिया गया।
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रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के अपहरण का आरोपी कमालुद्दीन
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने तीन अपहर्ताओं बेलघाट निवासी करुणेश कुमार दुबे, सिकरीगंज निवासी श्यामसुंदर उर्फ गुड्डू यादव और जनार्दन गौड़ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान चार अन्य बदमाशों के नाम सामने आए। इनमें से एक आरोपी कमालू उर्फ कमालुद्दीन ने पुराने मुकदमे में रायबरेली कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया गया।
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रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के अपहरण का आरोपी कमालुद्दीन.
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
कमालुद्दीन से पूछताछ में साजिश का हुआ पर्दाफाश
आरोपी कमालुद्दीन को रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ की, तो साजिश का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया कि अपहरण की साजिश पीड़ित के करीबी और पड़ोसी सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी ने रची थी। उसने अपने दो सहयोगियों देवेश मणि त्रिपाठी उर्फ तरुण और इंद्रेश तिवारी उर्फ मोनू के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की। मोनू के जरिये करुणेश और कमालुद्दीन समेत अन्य बदमाशों को अपहरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के अपहरण का आरोपी कमालुद्दीन
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
किराएदार सराफा और दो सहयोगियों ने रची थी साजिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि प्रदीप सोनी ने व्यापार के नाम पर अशोक जायसवाल से करीब पांच लाख रुपये उधार लिए थे और उनके मकान में सोने-चांदी की दुकान खोल रखी थी। जेल बाईपास रोड पर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान दुकान टूटने से उसे भारी नुकसान हुआ और वह कर्ज में डूब गया। इसी आर्थिक दबाव में उसने अपहरण की साजिश रची।
प्रदीप के पास अशोक जायसवाल के घर और हॉस्पिटल के सीसीटीवी सिस्टम की पूरी जानकारी थी। उसे यह भी पता था कि अशोक घर में नकदी रखते हैं और पहले भी उनके परिवार में अपहरण की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें फिरौती देकर मामला सुलझाया गया था।