गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार शाम से लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत हो गई है। भीम सरोवर के पास गुरु गोरखनाथ के जीवनवृत्त एवं उपदेशों को इसके जरिए इसे दिखाया जा रहा है। इस दौरान कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...
गोरखनाथ मंदिर का यह नजारा देख झूम उठेंगे आप, तस्वीरों में देखें इसकी सुंदरता
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बता दें कि 17 अक्तूबर को गोरखनाथ मंदिर में नवरात्र पर्व परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। पहले दिन गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ मंदिर के आवास में स्थित दुर्गा शक्ति पीठ में कलश स्थापना करेंगे। शाम को मंदिर के साधु-संत और 21 वेदपाठी ब्राह्मणों के साथ मंदिर से निकलकर भीम सरोवर जाएंगे। सरोवर से कलश में जल भरकर दुर्गा शक्ति पीठ लाकर कलश स्थापित किया जाएगा।
नवरात्र का शुभारंभ 17 अक्तूबर से होने जा रहा है। गोरक्ष पीठाधीश्वर 16 की शाम या 17 की सुबह गोरखपुर पहुंच जाएंगे। नवरात्र में अष्टमी के दिन निशा पूजा होती है। नाथ पंथ के अनुसार इसे पीठाधीश्वर अष्टमी लगने के बाद करते हैं। 25 अक्तूबर को कन्याओं की पूजा करेंगे।
विजयदशमी को दिन में गोरक्ष पीठाधीश्वर तिलक हाल में आसन लगाकर बैठेंगे। पहले मंदिर के साधु-संत बाद में अन्य भक्त गोरक्ष पीठाधीश्वर को तिलक लगाएंगे। फिर पीठाधीश्वर उनको तिलक लगाकर आशीर्वाद देंगे। शाम चार बजे से गोरखनाथ मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी। इसमें पीठाधीश्वर रथ पर सवार होंगे।
रथ के पीछे मंदिर की परंपरा के अनुसार सैनिक वेष में मंदिर के कर्मचारी शामिल होंगे। शोभायात्रा शासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां गोरक्ष पीठाधीश्वर भगवान शिव की पूजा करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा अधियारी बाग स्थित रामलीला मैदान जाएगी, गोरक्ष पीठाधीश्वर राम, लक्ष्मण और सीता की पूजा करेंगे।