लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी खाद कारखाना की टरबाइन, 700 लोगों को मिलेगा रोजगार, तस्वीरें
इनकी लंबाई व वजन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन्हें लेकर छपरा से कुशीनगर तक सड़क मार्ग से पहुंचने में दो ट्रेलरों को 44 दिन लग गए। 50 लोगों के स्टाफ के साथ दोनों ट्रेलरों के चालक 12 मार्च को इन टरबाइनों को लेकर छपरा से चले थे।
हिंदुस्तान उवर्रक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित का कहना है कि वर्तमान में यह टरबाइनें कुशीनगर में हैं। हाटा-कप्तानगंज, परतावल होते हुए एक सप्ताह में इनके गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि गुजरात से चार टरबाइनें चली थी। विशेष ट्रेलर से दो टरबाइन पहले लाई जा रही हैं। इन्हें पहुंचाने के बाद यही ट्रेलर बाकी बची दो टरबाइन को भी छपरा से लाएंगे। उनके डेढ़ से दो महीने में कारखाना पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
खाद कारखाने में जिले के 700 मजदूरों को मिलेगा रोजगार
सरकार से छूट मिलने के बाद 20 अप्रैल से खाद कारखाने का काम फिर से शुरू हो गया है। वर्तमान में करीब 1300 मजदूर काम कर रहे हैं। उधर लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रांतों से आए मजदूरों को भी कारखाने में काम दिलाने को लेकर जिला प्रशासन प्रयासरत है। एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित ने बताया कि इस संबंध में सोमवार को जिला प्रशासन से वार्ता हुई है। कारखाने में जिले के 700 मजदूरों को काम दिया जाएगा।