गंडक नदी में मंगलवार को 4 लाख 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के चलते नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। शाम चार बजे छितौनी तटबंध के भैंसहा गेज स्थल पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर चला गया था। इसके चलते छितौनी तटबंध में रिसाव शुरू हो गया है। इसके अलावा तमकुहीराज क्षेत्र में अमवा खास तटबंध के बरवापट्टी स्पर पर कटान हो रहा है। एपी तटबंध पर भी नदी का दबाव बना हुआ है।
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कुशीनगर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
डीएम-एसपी ने दोपहर में ही वाल्मीकि नगर बैराज पहुंचकर नदी में छोड़े जाने वाले पानी के विषय में जानकारी ली। गंडक के रौद्र रूप को देखते हुए सीमावर्ती बिहार के पश्चिमी चंपारण व गोपालगंज के डीएम ने हाई अलर्ट जारी करते हुए नदी के निचले हिस्से में बसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया है। दोपहर में खड्डा क्षेत्र के बसंतपुर गांव के पास 50 वर्षीय व्यक्ति की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई।
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कुशीनगर में बाढ़।
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सोमवार से ही गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। मंगलवार सुबह 11 बजे वाल्मीकि नगर बैराज से नदी में 4 लाख 36 हजार 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। डिस्चार्ज बढ़ने से भैंसहा गेज स्थल पर नदी का जलस्तर मंगलवार शाम चार बजे खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर उपर (96.24 मीटर) पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से छितौनी तटबंध के किलोमीटर 6.800 (स्पर सी) भेड़िहारी नम्बर एक गांव के पास नदी का तीव्र दबाव है।
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कुशीनगर में बाढ़।
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यहां रिसाव से अफरातफरी मची है। बाढ़ खंड द्वारा बोरी में मिट्टी भरकर बांध को सुरक्षित किया जा रहा है। भैंसहा गांव के शिवमंदिर के पास (किलोमीटर 8.100) भी रिसाव से लोगों में दहशत है। यहां भी बचाव कार्य शुरू किया गया है। बाढ़ खंड के एसडीओ राजेंद्र पासवान ने बताया कि पानी के सिपेज को बंद करा दिया गया है। स्पर सी सहित तटबंध के सभी हिस्से की निगरानी की जा रही है।
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जलस्तर में बढ़ोत्तरी को देखते हुए डीएम भूपेंद्र एस चौधरी व एसपी विनोद मिश्रा वाल्मीकि नगर बैराज पहुंचे और नदी में छोड़े जा रहे पानी की जानकारी ली। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता इंद्रजीत सिंह व अन्य अभियंताओं ने बैराज के फाटक व अन्य कार्य प्रणाली के विषय में जानकारी दी। डीएम-एसपी ने बताया कि अभी स्थिति नियंत्रण में है।