उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गगहा इलाके में हेमलता और उनके बेटे हर्ष की हत्या के बाद से ही गमगीन माहौल है। पोस्टमार्टम से शव आने के बाद गांव में और चीख पुकार मच गई। घाट पर एक साथ दोनों की चिता देखकर सबकी आंखें नम हो गईं।
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दोनों के शव देखकर रो पड़े लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
रिश्तेदार भी यह देख कर हैरान थे कि आखिर सगा भाई इस तरह की वारदात कैसे कर सकता है? वह भी चंद रुपयों के पेड़ की खातिर। पत्नी हेमलता व बेटे हर्ष को अरविंद ने मुखाग्नि दी।
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मृतक मां-बेटे का शव।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात से ही रिश्तेदार घर पर आने लगे थे। सगे भाई होने की वजह से रिश्तेदार दोनों ही परिवार से जुड़े थे मगर इस कृत्य को जिसने भी देखा और सुना वह बड़े भाई राजेश को कोस रहा था।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
सोमवार की दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव आया और फिर दोनों चिताएं एक साथ जलाई गईं। यह देखकर गांव वाले भी अपनी आंखों के आंसू रोक नहीं पाए। उनकी आंखें भी नम हो गई हैं। लोगों ने कहा कि भगवान किसी को भी ऐसा भाई मत दे, जो अपने स्वार्थ के लिए पूरे परिवार का नाश कर दे।
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मृतकों की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि रविवार की दोपहर में एक महुआ के पेड़ को लेकर दो सगे भाई राजेश और अरविंद दुबे में विवाद हो गया। इसके बाद राजेश के रिश्तेदारों ने अरविंद की पत्नी और बेटे को मौत के घाट उतार दिया।