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गोरखपुर जेल से रिहाई पर भौकाल का नया ट्रेंड: गेट पर भीड़, फूल-माला और रील बनाकर सोशल मीडिया पर शो
Sat, 03 Oct 2026 01:20 PM IST
Rohit Singh
निखिल तिवारी, गोरखपुर
निखिल तिवारी, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Sat, 03 Oct 2026 01:20 PM IST
सार
गोरखपुर में जेल से रिहाई के बाद भौकाल दिखाने का नया ट्रेंड बढ़ रहा है। जेल का गेट खुलते ही बाहर समर्थकों की भीड़, फूल-माला और मोबाइल कैमरे से रिहाई का वीडियो शूट किया जा रहा है। फिर बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है।
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जेल से छूटने के बाद गाड़ी में माला पहनकर बैठा सतीश प्रजापति व हाथ मिलाता रजत चौधरी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
जेल का दरवाजा खुला... बंदी बाहर निकला... और सामने मोबाइल कैमरे लिए समर्थकों की भीड़। कोई फूल-माला लेकर पहुंचा है तो कोई स्वागत का वीडियो बना रहा है। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर रील बनकर सामने आता है और शुरू हो जाता है भौकाल का खेल।
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गोरखपुर में जेल से रिहाई के बाद इस तरह रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालने का चलन बढ़ता नजर आ रहा है। रिहाई के दौरान बंदी के बाहर निकलने से लेकर समर्थकों के स्वागत और वाहनों के काफिले तक को कैमरे में कैद किया जा रहा है।
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वीडियो में बैकग्राउंड म्यूजिक और संवाद जोड़कर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाता है। लाइक और शेयर के जरिये वीडियो की पहुंच बढ़ती है। कई मामलों में जेल से बाहर निकलने के बाद समर्थकों की भीड़ भी जुट रही है।
केस-1
सतीश प्रजापति की रिहाई पर बनी रील
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दो छात्र गुटों के विवाद के बाद दर्ज लूट और धमकी के मामले में आरोपी छात्र नेता सतीश प्रजापति को 25 सितंबर को जमानत मिली थी। देर शाम वह जेल से बाहर निकला। कैंट पुलिस ने सतीश को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रिहाई के बाद समर्थकों ने उसका स्वागत किया और रिहाई का वीडियो बनाया। इसे रील के रूप में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया।
सतीश प्रजापति की रिहाई पर बनी रील
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दो छात्र गुटों के विवाद के बाद दर्ज लूट और धमकी के मामले में आरोपी छात्र नेता सतीश प्रजापति को 25 सितंबर को जमानत मिली थी। देर शाम वह जेल से बाहर निकला। कैंट पुलिस ने सतीश को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रिहाई के बाद समर्थकों ने उसका स्वागत किया और रिहाई का वीडियो बनाया। इसे रील के रूप में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया।
केस-2
रजत चौधरी का भी पोस्ट हुआ वीडियो
भाजपा नेता और पूर्व उपसभापति बृजेश सिंह छोटू को जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी रजत चौधरी 15 सितंबर को जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर निकलते समय उसके आसपास दोस्त और परिचित मौजूद थे। रजत की रिहाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। वीडियो पर लोगों ने तेजी से लाइक और शेयर किए। पुलिस ने इसे दुराचारी घोषित करते हुए हिस्ट्रीशीटर भी बनाया है।
रजत चौधरी का भी पोस्ट हुआ वीडियो
भाजपा नेता और पूर्व उपसभापति बृजेश सिंह छोटू को जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी रजत चौधरी 15 सितंबर को जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर निकलते समय उसके आसपास दोस्त और परिचित मौजूद थे। रजत की रिहाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। वीडियो पर लोगों ने तेजी से लाइक और शेयर किए। पुलिस ने इसे दुराचारी घोषित करते हुए हिस्ट्रीशीटर भी बनाया है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गोरखपुर में यह पहला मामला नहीं है। मई 2026 में जेल से जमानत पर बाहर आए एक आरोपी के स्वागत में समर्थकों ने वाहनों के काफिले के साथ रोड शो निकाला था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आठ युवकों को गिरफ्तार किया था। जुलाई 2024 में पेशी के दौरान कचहरी में बंदी की रील बनाने का मामला भी सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।
गोरखपुर में यह पहला मामला नहीं है। मई 2026 में जेल से जमानत पर बाहर आए एक आरोपी के स्वागत में समर्थकों ने वाहनों के काफिले के साथ रोड शो निकाला था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आठ युवकों को गिरफ्तार किया था। जुलाई 2024 में पेशी के दौरान कचहरी में बंदी की रील बनाने का मामला भी सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।
अपराधी प्रवृत्ति के लोग रिहाई के बाद इस तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी: डॉ. कौस्तुभ, एसएसपी