यूपी के महराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा में मंदिर में एक फ्रांस का परिवार रुका है। यह भारतीय सभ्यता, संस्कृति, अध्यात्म को बेहद करीब से देख रहा है क्योंकि लॉकडाउन में यह सीमा सील होने के कारण नेपाल भ्रमण पर नहीं जा सका। ऐसे में मंदिर परिसर में रुक कर लॉकडाउन समाप्त होने का इंतजार कर रहा है। इस बीच उनमें सच्चे भारत की झलक दिख रही है जहां उन्हें प्रेम, सदभाव, अतिथि सत्कार के साथ आध्यात्म की ज्ञान गंगा में डूबकी लगाने का मौका मिला। गांव वालों से मिले अपार स्नेह से फ्रांस का परिवार अभिभूत है।
यूपी के इस गांव में फंसा है फ्रांस का परिवार, तस्वीरों में देखें ऐसे गुजार रहे दिन
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शिव मंदिर परिसर में रहने वाले फ्रांस के परिवार की सुरक्षा से लेकर भोजन पानी का इंतजाम बेहतर ढंग से किया गया है। मंदिर में बनने वाले भंडारे में परिवार के सभी सदस्यों को हर रोज भोजन मिलता है। गांव के लोग इनकी मेहमान नवाजी बेहतर ढंग से कर रहे हैं जिससे विदेशी मेहमान खुश हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से उन्हें गेस्ट हाउस में रहने की पेशकश की गई लेकिन गांव की आबोहवा देखकर विदेशी परिवार ने मंदिर परिसर को ही ठिकाना बना लिया।
सीमा सील होने से नहीं जा सके नेपाल
फ्रांस के रहने वाले पैलेरेस इनट्राइज जोसेफ अपने पत्नी पैलेरेस ओपैलो मार्गीटाइड तथा बेटी ब्लेनचाई इप पैलेरेस मार्गीमाइड, पैलेरेस लोला जेनफर व बेटे पैलेरेस ट्राममेटिव मंदिर परिसर में निवास कर रहे हैं। यह सभी 1 मार्च 2020 को टूरिस्ट वीजा पर बाघा बार्डर पर पाकिस्तान से भारत में आए। 25 मार्च को नेपाल जा रहे थे लेकिन कोरोना के कारण अंतरराष्ट्रीय सीमा सोनौली सील होने से इनको रोक दिया गया।
पेड़ की छांव में अच्छा लगता है
मंदिर परिसर में रुके फ्रांस के परिवार को पेड़ की छांव में अच्छा लग रहा है। सभी कहते हैं कि दिन में वक्त कब गुजार जाता है, इसका पता ही नहीं चलता। आसपास के सभी लोग मदद करते हैं। गांव के लोग दूध, सब्जी भी देते हैं।