फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बाढ़ का तांडव: नदी के पेट में समा गया पूरा गांव, अब 'नई पहचान' के साथ गुजरेगी इन परिवारों की जिंदगी

Fri, 10 Sep 2021 03:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 10 Sep 2021 03:00 PM IST
विज्ञापन
Flood of Gorakhpur collapse of Jagdishpur village due to flood now people will live in Gaighat
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
पानी ही पानी, चौतरफा पानी...कितना है इसका अंदाजा नहीं। आज नहीं तो कल बाढ़ समाप्त हो जाएगी। नुकसान का जख्म भरने में समय लगेगा। धीरे-धीरे नदी के पानी से घिरे गांवों में सब कुछ पहले जैसा ही सामान्य हो जाएगा। मगर, गोरखपुर जिले के बड़हलगंज ब्लॉक का जगदीशपुर गांव बाढ़ हटने के बाद भी अब कभी नजर नहीं आएगा। राप्ती नदी उसे पूरा का पूरा लील गई, 160 घरों का यह गांव धीरे-धीरे नदी के पेटे में समा गया। बचे 12 मकान भी दरककर बुधवार को राप्ती में समा गए। यानी अब लोग कहेंगे, एक था जगदीशपुर गांव। वहां अब न कभी बच्चों की खिलखिलाहट सुनाई देगी, न गांव व खेत की पगडंडी पर किसी के चलने की आवाज। न कभी खुशी पर जश्न होगा, न दुख पर गमी का ही माहौल। डेढ़ दशक से राप्ती नदी की लहरों से चोटिल हो रहे, इस गांव का वजूद बुधवार को पूरी तरह खत्म हो गया। अब यहां की वर्तमान और आने वाली पीढ़ी गायघाट गांव की ‘नई पहचान’ के साथ आगे का सफर पूरा करेंगी।     
Flood of Gorakhpur collapse of Jagdishpur village due to flood now people will live in Gaighat
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
वर्ष 2004 से जगदीशपुर गांव राप्ती  की चोट सहता चला आ रहा था। पहले गांव के उत्तर व पश्चिम की तरफ सौ से डेढ़ सौ मीटर दूर कृषि योग्य जमीन पर राप्ती नदी ने कटान शुरू की। यह सिलसिला खेतों से आगे बढ़कर 2007 में आबादी तक पहुंचा। अगले दस वर्ष के भीतर गांव के पांच दर्जन से अधिक घर राप्ती के आगोश में समा गए। गांव के लोगों को वर्ष 2013-14 में सबसे बड़ा झटका लगा। इन दो सालों में गांव के दो दर्जन मकान कटान से धराशायी हो गए।  2017 में भी राप्ती के तांडव से दो दर्जन घर उजड़ गए और लोगों को विस्थापित होना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को बचाने के लिए तैयार प्रस्ताव पर यदि समय से धन मंजूर हो गया होता तो बचे हुए घर सुरक्षित बच जाते।
Flood of Gorakhpur collapse of Jagdishpur village due to flood now people will live in Gaighat
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
2013 से शुरू हुआ था गांव को बचाने का सिलसिला, अंजाम तक न पहुंच सका
पांच जुलाई 2013 को तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तथा सात जुलाई को तत्कालीन एडीएम एफआर ने जगदीशपुर गांव का दौरा कर आपदा राहत कोष से गांव को बचाने का आश्वासन दिया था। धरातल पर आश्वासन के नहीं उतरता देख, उसी साल नौ जुलाई को सांसद कमलेश पासवान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता सहित अन्य अभियंताओं को बंधक बना लिया। इसकी जानकारी मिलने पर तत्कालीन कमिश्नर के. रवींद्र नायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर गांव को बचाने का प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा था। विभाग ने 48.59 लाख से तीन सौ मीटर की लंबाई में बंबू क्रेट कटर का प्रस्ताव तैयार किया था। वित्त पोषण के लिए फाइल, सिंचाई विभाग से लेकर आपदा आयुक्त तक दौड़ाई गई, लेकिन कहीं भी सफलता नहीं मिली। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव के प्रयास से फाइल एक बार फिर शासन तक पहुंची, मगर उसपर धूल जमकर रह गई। इसके बाद तत्कालीन डीएम राजीव रौतेला ने जगदीशपुर गांव में कटान का निरीक्षण किया और बंबू क्रेट कटर के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। ग्रामीणों में कटान से बचाव की आस जगी, मगर वह योजना भी अमल में नहीं आ पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Flood of Gorakhpur collapse of Jagdishpur village due to flood now people will live in Gaighat
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
54 लाख रुपये मिले, गायघाट में बसाए जाएंगे 30 परिवार
एसडीएम गोला राजेंद्र बहादुर ने बताया कि जगदीशपुर गांव को बसाने के लिए शासन से 54 लाख रुपये की धनराशि मिल चुकी है। रामजानकी मार्ग के दक्षिण गायघाट गांव में 90 डिस्मिल जमीन काश्तकारों से अनुबंध करा ली गई है। अब इस जमीन को सरकार के नाम बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इस जमीन को जगदीशपुर के कटान पीड़ित परिवारों को पट्टा कर दिया जाएगा। मकान बनाने के लिए किसी प्रकार का कोई धन नहीं आया है। आगे जैसा शासन का निर्देश होगा वैसा किया जाएगा।
विज्ञापन
Flood of Gorakhpur collapse of Jagdishpur village due to flood now people will live in Gaighat
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
कुछ बंधे पर तो कुछ रिश्तेदारों के घर लिए हैं शरण
बड़हलगंज के ग्राम पंचायत मोहनपौहरिया के राजस्व गांव जगदीशपुर में कुल 119 घर थे। वर्तमान में यहां की जनसंख्या 479 और वोटरों की संख्या 326 है। गांव के 63 परिवार यहां से गोरखपुर, बड़हलगंज, डेरवा, मझवां पलायन कर चुके हैं। बचे हुए 56 परिवारों में से कुछ आसपास के इलाकों में किराए के मकान में रहते हैं, तो कुछ बंधे पर ही शरण लिए हैं। प्रशासन की तरफ से पूर्व में 10 परिवारों को विस्थापित किया जा चुका है। तो कई को नदी में घर के बह जाने पर 75 हजार रुपये से लेकर 95 हजार रुपये तक का मुआवजा भी दिया जा चुका है। जो 30 परिवार गांव में अभी भी बाकी रह गए थे, अब उन्हें पास के ही गायघाट गांव में विस्थापित करने की तैयारी है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed