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परिवार कर रहा था बेटों के सऊदी से लौटने का इंतजार, नहीं पता था रास्ते में हो जाएंगे खौफनाक हादसे का शिकार
Wed, 18 Nov 2020 08:35 AM IST
vivek shukla
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 18 Nov 2020 08:35 AM IST
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सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त कार व पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतकों के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
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घर वाले सऊदी अरब से लौट रहे अपनों के इंतजार में थे कि उनकी मौत की खबर पहुंच गई। पीड़ित परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो एक साथ वहां पांच शवों को देखकर दहल उठे। कोई अपने बेटे के शव को तो कोई साले-बहनोई और भजीजे के शवों को निहार कर फफक उठा। खौफनाक हादसे के दर्दनाक मंजर की कहानी जानकर सभी हिल गए। एक-दूसरे से लिपटकर रोते लोगों को देखकर वहां मौजूद पुलिस कर्मी भी गमगीन हो गए।
दुर्घटना में क्षतिग्रस्त ट्रक व कार।(इनसेट में मृतक अरमान की फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
कुशीनगर जिले के हाटा क्षेत्र के पिपरा कपूर गांव निवासी 26 वर्षीय अरमान पुत्र सरफद्दीन सऊदी अरब में सैलून की दुकान पर काम करते थे। वह तीन भाई और एक बहन हैं। पिता और दोनों भाई सऊदी में ही रहते हैं। पिता ड्राइवरी करते हैं, जबकि अरमान और छोटा भाई इमरान सैलून की दुकान पर रहते थे। मामा शाह आलम और बड़े पिता समसुद्दीन ने बताया कि करीब 15 महीने बाद अरमान घर लौट रहा था। उसके आंख में परेशानी थी और ऑपरेशन कराने ही घर आ रहा था, लेकिन हादसे में उसकी मौत हो गई। पिता और भाई सऊदी में हैं। जबकि उसकी पत्नी नाजिया, दो साल की बेटी, मां तसरिकुन्निश और 15 वर्षीय भाई सैफ घर पर बिलख रहे थे।
दुर्घटना में क्षतिग्रस्त ट्रक व कार।(इनसेट में मृत सगे भाइयों की फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
देवरिया जिले के रामपुर कारखाना क्षेत्र के करमहा गांव निवासी 25 वर्षीय अमजद पुत्र अमरूद्दीन दो साल पहले सऊदी गए थे। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई 35 वर्षीय गुलाम हुसेन और मझले भाई 32 वर्षीय नौशाद भी सऊदी में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। अमजद सैलून की दुकान पर काम करते थे। तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी और कोई बच्चे नहीं हैं।
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतकों के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
सऊदी से लौट रहे अमजद को लेने छोटा भाई 20 वर्षीय अफजल कार से लखनऊ एयरपोर्ट गया था। साथ में गांव के निवासी ड्राइवर 35 वर्षीय रियाज अहमद पुत्र नत्थू और हिरंदापुर निवासी ड्राइवर 45 वर्षीय आस मोहम्मद पुत्र मोहम्मद इस्लाम भी गए थे। हादसे में अमजद और छोटे भाई अफजल के साथ ही ड्राइवर रियाज अहमद व आस मोहम्मद की भी मौत हो गई। दोनों बेटों के शव देखकर पिता अमरूद्दीन फफक पड़े। पीड़ित पिता ने बताया कि हादसे में उनके दो बेटों की हुई मौत की घटना ने पूरे परिवार को गहरा जख्म दिया है। जबकि उनके दोनों बड़े बेटे सऊदी में ही हैं। बड़े बेटे की मौत से बहू परवीन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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दुर्घटना में क्षतिग्रस्त ट्रक व कार।(इनसेट में मृत ड्राइवर व आस मोहम्मद की फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
इधर, इसी गांव के ड्राइवर रियाज की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रियाज चार भाइयों में सबसे बड़े थे। पत्नी रिजवान गर्भवती हैं और उनकी चार साल की बेटी है। यही हाल हिरंदापुर निवासी मृतक आस मोहम्मद के परिवार का भी है। उनके पांच बेटे और एक बेटी है। अभी किसी की शादी नहीं हुई है। पति की मौत से पत्नी और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था। शमशेर अहमद ने रोते हुए बताया कि अमजद और अफजल उसके चचेरे भाई थे। जबकि अरमान उसका रिश्ते में साला था।