गोरखपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को अलग-अलग क्षेत्रों में आग लगने से कोहराम मच गया। कहीं सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई तो कही बछिया, भैंस समेत 11 बकरियों की जलकर मरने की सूचना है। क्षेत्रों में सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया, जिससे पीड़ितों को सरकारी सहायता मुहैया कराई जा सके।
गोरखपुर में आग का कहर: किसानों के अरमानों पर लगी आग, सैकड़ों बीघा फसल व छप्पर जलकर हुए खाक
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हरपुर बुदहट : कटसहरा ग्राम पंचायत के चांदपार टोला के दक्षिण में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। गांव वालों ने मोटर, नहर के पानी से आग पर काबू पाया। नहर के पास मौजूद महिलाओं ने बताया कि बरात से लौट रही बोलेरो सवारों ने सिगरेट पीकर खेत में फेंक दिया, जिससे आग ने भयानक रूप ले लिया।
भटहट: ब्लॉक के जैनपुर, कर्महा, रामपुर खुर्द, इस्लामपुर आदि गांवों में रविवार को आग लगने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे दमकम कर्मियों ने लोगों की मदद से देर शाम तक आग पर काबू पाया। नुकसान का आकलन अभी नहीं हो सका है।
बड़हलगंज/चिल्लूपार : क्षेत्र में रविवार को डंठल में आग लगने से भटपुरवा गांव के एक छप्पर में आग लग गई। जिससे छप्पर में रखे कीमती सामान के साथ 11 बकरियां जलकर कर राख हो गई। गृह स्वामी व उसकी पुत्री किसी तरह जान बचाकर भागी। जानकारी के अनुसार गृह स्वामिनी बेवा फूलमती अपनी इकलौती विवाहिता पुत्री रिंकू व उसके पति भोला के साथ छप्पर डालकर रहती थीं। छप्पर में रखे पुत्री के जेवर, कपड़ा, आठ क्विंटल गेंहू, 11 बकरियां, बर्तन आदि सामान जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच पाई। वहीं गांव के रामजतन, नोखई, पुरेंद्र, मेघु, नेउर आदि का खेत में रखा गेंहू का बोझ व भूसा जलकर राख हो गया है। हिंगुहार निवासी सूर्यनाथ यादव, बैजनाथ का छप्पर व रामदरश प्रसाद का टेंपों जलकर राख हो गया। बकरियों के मरने की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. कामेश्वर सिंह ने बताया कि चार बकरा व सात बकरियां जलकर मरी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाकर सोमवार को लेखपाल को सौंप दी जाएगी।
बड़हलगंज : उपनगर से सिधुआपार में दोपहर बाद मलीन बस्ती के पश्चिमी हिस्से के खेतों की मढ़ाई के बाद भूसा के लिए छोड़े गए डंठल में आग लग गई। पछुवा हवा के कारण अगा डेढ़ किलोमीटर के दायरे में संसारपार गांव तक पहुंच गया। पुलिस प्रशासन ने अपने हाथ यह कहकर खड़ा कर लिया कि अग्निशमन वाहन में खराबी होने से असमर्थ हूं। ग्रामीणों ने करीब चार से पांच घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन इतने में संसारपार गांव निवासी दया तिवारी व प्रेम तिवारी के बागीचे में आधा दर्जन शीशम सागौन के साथ आम के पेड़ झुलस गए हैं। वहीं दूसरे तरफ खजूरी व नेदुआ गांव में गेहूं की खेत में अचानक आग लगने की घटना हुई।
झुमिला बाजार : क्षेत्र के मदरिया गांव से पूरब में दोपहर को खेत में आग लग गई। पछुआ हवा के चलते देखते ही दखते आग कई गांव नीबी, ददरा, कास्तमटिहानी तक पहुंच गई। गनीमत रही कि सभी खेतों के गेहूं की फसल कट चुकी थी, केवल डंठल ही रह गया था। इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि ददरा कास्त मटिहानी के रवींद्र यादव, उदय भान यादव, राजू यादव, श्याम आधार यादव, जय प्रकाश यादव के आम, जामुन और बांस की कोठी झुलस गई।
कैंपियरगंज : कैंपियरगंज क्षेत्र में रविवार को तीन अलग अलग जगह आग लगने से पांच रिहायशी झोपड़ी सहित पांच एकड़ गेहूं का बोझ जलकर राख हो गया। आग्निकांड के दौरान एक व्यक्ति व तीन बकरी झुलस गई है। सूचना पर एसडीएम पंकज दीक्षित व नायब तहसीलदार अभिषेक मिश्रा मौके पर पहुंचकर अग्नि पीड़ितों का हाल जाना और अहेतुक सहायता दिलाने के लिए राजस्व लेखपाल रामजतन को निर्देशित किया। क्षेत्र के मझगावां (पोवा) गांव में रविवार दोपहर में अचानक आग लगने से रामप्रवेश, फूलचंद, रामबहाल, जयराम व जवैनिंहा में रामसूरत की रिहायशी झोपड़ी जलकर राख हो गई। वहीं आग बुझाने के दौरान जयराम झुलस गए।
क्षेत्र के लक्ष्मीपुर में रामनयन के गेंहू के बोझ में आग लगने से लगभग पांच एकड़ जल कर नष्ट हो गया।सूचना पाकर पोवा पहुंचे एसडीएम पंकज दीक्षित ने अग्नि पीड़ितों से जायजा लिया और नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व लेखपाल रामजतन यादव को क्षति का आकलन रिपोर्ट तत्काल देने का निर्देश दिया।
गोला एसडीएम रोहित मौर्य ने बताया कि आग में जिनके मवेशी जल गए हैं और जो भी क्षति हुई उसके लिए राजस्व कर्मचारी मौके पर पहुंच कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। उसके शासन को भेजा जाएगा। वहां संस्तुति पर अग्निपीड़ितों को सहायता प्रदान की जाएगी।
चौरीचौरा में दो किलोमीटर तक फैली आग की लपटे
ग्राम फुलवरिया के कुर्मी टोला के पास रविवार सुबह करीब 11 बजे अचानक एक घर के पास से निकली चिंगारी पछुआ हवाओं के चलते खेतों में छोड़े गए फसल के अवशेष में जा पहुंची और आग लग गई। तेज हवा से आग तीन गांवों में फैल गई, जिससे अफरातफरी मच गई। आग लगने की सूचना के करीब दो घंटा बाद फायर ब्रिगेड गाड़ी पहुंची। हल्का लेखपाल सुभाष चंद्र गुप्ता, चौरीचौरा पुलिस, ग्रामीणों के सहयोग से आग को बुझवाने काफी प्रयास किया। संवाद
सड़क के दोनों ओर आग, घंटों ठप रहा आवागमन
गगहा के गंभीरपुर गांव में रविवार दोपहर को अज्ञात कारणों से गेहूं की डंठल में भीषण आग लग गई। तेज पछुआ हवा के कारण आग की लपट बढ़ती चली गई। जिस कारण बासूडीहा, कोठा, बंधवा, कोहड़ा, मसानपाकड़ गांव में आग फैल गई। इस दौरान गगहा गजपुर मार्ग के दोनों तरफ लगी आग ने घंटों आवागमन ठप कर दिया। हालांकि इस दौरान कुछ यात्री और राहगीर जान जोखिम में डालकर आते जाते दिखे। आग से लगभग पांच बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि ज्यादातर खेतों में गेहूं की फसल कट चुकी थी। जबकि खेतों में रखे लगभग 50 ट्रॉली भूसा जलने से कई पशुपालकों को खासा नुकसान सहना पड़ा।
मसानपाकड़ में मुर्गी पालन का व्यवसाय करने वाले मनोज सिंह ने बताया कि आग की लपट के कारण उनके मुर्गी फार्म की 80 से अधिक मुर्गियां तापमान के कारण मर गई। कई पेड़ भी जल गए। गगहा थाना पर सूचित किया गया तो पता चला कि एक भी दमकल गाड़ी थाने पर मौजूद नहीं थी। डायल 112 पर फोन करने के बाद अग्निशमन गाड़ी की मांग की गई। मौके पर पहुंची मात्र एक छोटी अग्निशमन गाड़ी आग बुझाने में असमर्थ रही। ग्रामीण धीरज सिंह, विवेक सिंह, राजीव सिंह, विक्रम बहादुर सिंह, मनजीत, सतीश, प्रशांत, पवन शाही, नोनू, राघवेंद्र सिंह की सूझबूझ से सड़क पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। लगभग तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।