घर में हरियाली के साथ ही साथ उसे नेचुरल लुक देने की चाहत रखने वालों के बीच बोनसाई प्लांट्स काफी पॉपुलर हैं। ऐसे ही खूबसूरत बोनसाई पौधों का कलेक्शन शहर की मशहूर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु गुलाटी के बैंक रोड स्थित घर भी है। पत्थरों पर उगाए पौधे और फूलों (रॉक बोनसाई विधा) का संग्रह आकर्षण का केंद्र है।
पत्थर पर पौधे उगाने की कला में माहिर हैं ये मशहूर डॉक्टर, तस्वीरों में देखें इनके खूबसूरत पौधों का कलेक्शन
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डॉ. गुलाटी बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही गार्डेनिंग का शौक था। कक्षा चार में पढ़ाई के दौरान ही जापानी आर्ट इकेबाना का गुर सीखा। आठवीं में थी तो पहचान के एक डॉक्टर जापान से बोनसाई विधा की जानकारी के साथ लौटे। इस पौधे ने खासा आकर्षित किया। बस, फिर क्या था, बोनसाई पौधे लगाने और उनका अच्छा कलेक्शन बनाने की धुन सवार हो गई।
डॉ. गुलाटी ने किताबों से बोनसाई विधा की बारीकियों को जाना। इसके बाद घर की हर खाली जगह पर एक हजार से अधिक गमलों में फल-फूल, सजावटी पौधों, साइकस व अन्य कई प्रजातियों का पौधा उगा डाला। डॉक्टर के मुताबिक बोनसाई पौधों में लगे फल भी काफी स्वादिष्ट होते हैं।
क्या है बोनसाई
डॉ. मधु ने बताया कि घर में बोनसाई पौधों को लगाकर देखें, आपका आशियाना खिल उठेगा। बोनसाई बड़े पेड़ों को पौधों का रूप प्रदान करने की कला है। इसमें पौधे को पेड़ की तरह नहीं बढ़ने दिया जाता है, लेकिन इन पौधों का विकास एक पेड़ की तरह ही किया जाता है। आसान शब्दों में कहा जाए तो पेड़ का बौना स्वरूप ही बोनसाई है।
इको-फ्रेंडली उपहार
डॉ. मधु के अनुसार कई लोग वास्तु के अनुरूप भी बोनसाई प्लांट विकसित कराते हैं। इसमें त्रिवेणी यानी पीपल, बरगद और नीम, बेलपत्र, पारिजात और कुछ फलदार पौधों के बोनसाई भी शामिल हैं। किसी खास मौके पर लोग इन्हें बतौर गिफ्ट भी देना पसंद करते हैं।