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दवा व्यापारियों की चिंता बढ़ी: कोरोना की ये दवाएं वापस नहीं कर रही कंपनियां, करोड़ों के उपकरण भी फंसे

Wed, 07 Jul 2021 12:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 07 Jul 2021 12:16 PM IST
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Drug Traders upset due to pharmaceutical companies not returning remdesivir and tocilizumab medicine of coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दवा कंपनियां रेमडेसिविर और टोसिलीजुमैब वापस नहीं कर रही हैं। व्यापारियों की 25 से 30 लाख की फेबिफ्लू सहित पीपीई किट और अन्य दवाएं भी फंस गई हैं। कोरोना संक्रमण के बीच जिस रेमडेसिविर और टोसिलीजुमैब इंजेक्शन के लिए हर तरफ मारा-मारी थी, उसे अब कोई पूछने वाला नहीं है। लोग इंजेक्शन के एक वायल के लिए 50 हजार रुपये तक देने के लिए तैयार थे, अब उसे कोई नहीं पूछ रहा है। 


करीब 30 लाख रुपये की रेमडेसिविर, 10 लाख की टोसिलीजुमैब और करीब 25 लाख रुपये के फेबिफ्लू दवाएं व्यापारियों की फंस गई हैं। भालोटिया के व्यापारियों ने रेमडेसिविर और टोसिलीजुमैब कंपनियों को वापस करने के लिए भेजा भी था जिसे कंपनियों ने लेने से मना कर दिया है। अप्रैल में जब कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हुई तो रेमडेसिविर सहित टोसिलीजुमैब और फेबिफ्लू दवाओं की डिमांड बढ़ गई। स्थिति ऐसी हो गई थी कि लोग मुंह मांगे दाम पर इंजेक्शन खरीदने के लिए तैयार थे। लेकिन लोगों को केवल एक-एक वायल प्रशासन की तरफ से दिया जा रहा था। 
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Drug Traders upset due to pharmaceutical companies not returning remdesivir and tocilizumab medicine of coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इस बीच कोरोना की रफ्तार कम हुई तो बेड भी खाली हो गए। इसके बाद सरकारी अस्पतालों में शासन ने पर्याप्त आपूर्ति कर दी। इसकी वजह से दवाओं की डिमांड नहीं रही। भालोटिया मार्केट के व्यापारी गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रेमडेसिविर के 20 वायल कंपनी को भेजे थे। उसे कंपनी ने वापस भेज दिया है जबकि यह इंजेक्शन अगस्त में एक्सपायर हो जाएंगे। सूरजकुंड के रहने वाले दवा व्यापारी शहबाज सिद्दीकी ने बताया कि पांच लाख टोसिलीजुमैब केवल मेरे पास है जिसे कंपनी अब वापस नहीं ले रही है। इसके अलावा 17 मई को 1400 वायल व 20 मई को 480 वायल मंगाए गए थे। इनमें से लगभग सात सौ वायल बचे हुए हैं। इनकी कीमत 16 लाख रुपये से अधिक है। आठ व्यापारियों के यहां 14 से लेकर 150 से अधिक वायल बचे हुए हैं। इनकी संख्या लगभग एक हजार है। कुल लगभग 1700 से अधिक इंजेक्शन बाजार में डंप है।
Drug Traders upset due to pharmaceutical companies not returning remdesivir and tocilizumab medicine of coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
करोड़ों के उपकरण भी हैं फंसे
नेबुलाइजर, थर्मामीटर, पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर का स्टाक भी डंप हो गया है। संक्रमण के दौरान इनकी डिमांड खूब थी। स्थिति ऐसी थी कि चाइनीज ऑक्सीमीटर भी लोग मजबूरी में खरीद रहे थे लेकिन अब इसे कोई पूछने वाला नहीं। कंपनियों ने वापसी के सवाल पर हाथ खड़े कर दिए हैं।
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Drug Traders upset due to pharmaceutical companies not returning remdesivir and tocilizumab medicine of coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अगस्त में 500 से अधिक वायल हो जाएंगे एक्सपायर
अगस्त में 500 से अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन के वायल एक्सपायर हो जाएंगे। इसकी वजह से व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर जुलाई में विभाग या फिर कंपनियों ने इंजेक्शन वापस नहीं किए तो लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे।
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Drug Traders upset due to pharmaceutical companies not returning remdesivir and tocilizumab medicine of coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने बताया कि लाखों रुपये की दवाएं बाजार में फंस गई हैं। इन दवाओं की बिक्री नहीं है जबकि पहली लहर में राज्य एसोसिएशन से दबाव बनवाकर लाखों रुपये की दवाएं वापस कराईं गई थीं। लेकिन इस बार कंपनियों ने दवा और इंजेक्शन वापस करने से मना कर दिया है। अब विभाग से संपर्क कर दवाएं वापस करने के लिए कहा गया है।  
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