गोरखपुर जिले में असमय बाढ़ के बाद डेंगू ने भी वार किया है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को हुई जांच में डेंगू के आठ संक्रमित मिले हैं। इसके बाद से जिले में कुल मरीजों की संख्या 177 पहुंच गई है, जो सात सालों में सबसे अधिक है। इनमें छह मरीज नगर निगम और दो मरीज ग्रामीण इलाकों के रहने वाले हैं।
Dengue Alert: गोरखपुर में बाढ़ के बाद डेंगू का वार, टूटा सात साल का रिकॉर्ड
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विभाग के रिकॉर्ड में एक मरीज भर्ती, जिला अस्पताल का डेंगू वार्ड फुल
विभाग आंकड़ों के खेल में जबरदस्त बाजीगरी करने में जुट हुआ है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक डेंगू का एक ही मरीज अस्पताल में भर्ती है। जबकि, जिला अस्पताल का 20 बेड का वार्ड फुल है। मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड तक नहीं मिल रहे हैं। यह हाल तब है, जब लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके बाद भी विभाग भर्ती मरीजों का सही आंकड़ा बताने में झूठ बोल रहा है।
80 फीसदी नमूनों में मिला है डेंगू-टू स्ट्रेन
गोरखपुर जिले में डेंगू-टू स्ट्रेन कहर बरपा रहा है। मरीज इसी स्ट्रेन से पीड़ित हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह स्ट्रेन कम घातक है। रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) के शोध में इसका खुलासा हुआ है। आरएमआरसी ने डेंगू के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए जीनोम सीक्वेंसिंग कराई है। इसके लिए 40 नमूनों की सीक्वेंसिंग कराई गई। जिनमें 38 नमूनों में डेंगू-टू स्ट्रेन मिला है। आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि इस वर्ष अब तक करीब 300 नमूने डेंगू के पहुंचे थे। सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें रैंडम 40 नमूनों में डेंगू के स्ट्रेन की पहचान के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग की गई। इसमें डेंगू-टू स्ट्रेन की पुष्टि हुई है।
बीते दस वर्षों में मिले डेंगू के मरीज
वर्ष मरीज
2012 44
2013 89
2014 14
2015 32
2016 168
2017 11
2018 25
2019 114
2020 09
2021 67
2022 177
बढ़ रहे डेंगू के मरीज, नाकाफी साबित हो रही फॉगिंग
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन, शहरी क्षेत्र में डेंगू के प्रकोप पर नियंत्रण के लिए नगर निगम की फॉगिंग नाकाफी साबित हो रही है। कई ऐसे इलाकों में भी टीम नहीं पहुंच रही, जहां पर डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। इस बात को शहर के व्यापारी अधिकारियों के समक्ष भी उठा चुके हैं। वहीं, दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी केवल कागजों में एंटी लार्वा का छिड़काव कर वाहवाही लूटने में जुटी है। दूसरी तरफ विभाग का अलग तर्क है कि बाढ़ की वजह से डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। जबकि, शहर में बाढ़ का असर न के बराबर रहा है। वहीं नगर निगम के मुताबिक बारिश का पानी भी इस बार क्षेत्रों में जमा नहीं हुआ है। इसके बाद भी डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार बीमारी के प्रकोप की गंदगी और फॉगिंग का न होना है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि शहर में लगातार आ रहे डेंगू के मामलों को देखते हुए इनकी रोकथाम के लिए नगर निगम जुट गया है। निगम की टीम की ओर से बृहस्पतिवार को शहर के विभिन्न इलाकों में सोडियम हाइपोक्लोराइड एवं एंटीलार्वा का छिड़काव कराया गया। इसके लिए नगर निगम की ओर से प्रत्येक जोन में एक-एक वाहन के अलावा छह वाहन लगाए गए हैं।