गोरखपुर के मोहद्दीपुर जंगल कौड़िया फोरलेन निर्माण के लिए ध्वस्तीकरण का काम तेज कर दिया गया है। सोमवार को 70 साल पुराने झूलेलाल मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही फोरलेन निर्माण के जद में आने वाले मकानों और दुकानों को भी तोड़ा गया।
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- फोटो : अमर उजाला।
सड़क का निर्माण करा रहे सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन के कर्मचारियों ने जेसीबी और पोकलैंड लगाकर मंदिर को ध्वस्त किया। मंदिर के बगल में कुछ मकान भी थे जो मंदिर की वजह से गिराए नहीं गए थे, उन्हें भी गिरा दिया गया है।
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बता दें कि सिंधी समाज जहां रह रहा है वह रिफ्यूजी कॉलोनी महंत दिग्विजय नाथ ने बसाई थी। अधिकतर लोग पाकिस्तान से आकर यहां बसे थे। सिंधी समाज के झूलेलाल जी आराध्य हैं इस नाते समाज के लोगों ने 1972 में मंदिर की स्थापना की।
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महंत अवैद्यनाथ की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
मंदिर का उद्घाटन ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ ने अपने हाथों से किया था। लगभग 70 साल पहले बने मंदिर को फोरलेन के कारण हटाना पड़ा। एनएच के सहायक अभियंता बीएन यादव ने बताया कि मंदिर को जेसीबी और पोकलैंड लगाकर हटाया गया है। उसका मलवा जल्दी साफ कर सड़क के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि मंदिर और उसके सटे मकानों के ध्वस्त होने से लगभग 99% भवन ढहा दिए गए हैं। उनके मलवा को हटाने का काम किया जा रहा है। डिवाइडर के बीच में अस्थाई रूप से बिजली का पोल गाड़ कर बिजली विभाग के लोग तार लगा रहे हैं। जिससे बिजली की आपूर्ति अगल-बगल के घरों में दी जा सके।