फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: नाटक और नृत्य से दिया देशभक्ति का संदेश, मंच पर जीवंत हुई चौरीचौरा की घटना

Sat, 06 Feb 2021 10:42 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 06 Feb 2021 10:42 AM IST
विज्ञापन
Cultural programs organized on second day of Chaurachaura Centenary Festival photos
चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव - फोटो : अमर उजाला।
चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव के दूसरे दिन अभियान थिएटर ग्रुप के कलाकारों ने नाटक '4 फरवरी, 1922' का मंचन किया। श्रीनारायण पांडेय के निर्देशन में कलाकारों ने चौरीचौरा की घटना के जीवंत मंचन से दर्शकों को देशभक्ति के भाव से ओतप्रोत कर दिया।
Cultural programs organized on second day of Chaurachaura Centenary Festival photos
चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव - फोटो : अमर उजाला।
नाटक का लेखन नरेंद्र देव पांडेय ने किया है। नाटक के माध्यम से दिखाया गया कि किस तरह ग्रामीण क्रांतिकारियों ने असहयोग आंदोलन को धार दी। आंदोलन के दौरान पुलिस वालों ने कायराना हरकत करते हुए क्रांतिकारियों पर फायरिंग की। इसमें लोग मारे गए, इसके परिणामस्वरूप क्रांतिकारी आक्रोशित हो गए और उन्होंने थाने में आग लगा दी। इसमें कुछ पुलिसकर्मी भी जलकर मर गए। उस समय लग रहा था कि देश आजाद हो जाएगा, तभी असहयोग आंदोलन वापस ले लिया गया। 13 दृश्यों वाले इस नाटक को लोगों ने लगातार दो घंटे बैठकर पूरे मनोयोग से देखा। इस दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों की खूब हौसला-आफजाई की।
Cultural programs organized on second day of Chaurachaura Centenary Festival photos
चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव - फोटो : अमर उजाला।
'जागल भोजपुरिया जवानी खौले सरयू के पानी'
'चौरीचौरा शताब्दी वर्ष समारोह में पूर्वांचल के प्रसिद्ध कलाकारों ने लोक संगीत के माध्यम से श्रोताओं को राष्ट्रभक्ति के भाव से सराबोर कर दिया। अंजलि पाठक ने देशभक्ति के गीत गाए। 1857 से 1947 तक के भोजपुरिया बलिदानी गाथा पर हरी प्रसाद सिंह, स्वतंत्र सिंह श्याम ने राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीत गाकर खूब तालियां बटोरीं। पिता-पुत्र की जोड़ी ने 'नमन शहीदों की कुर्बानी, नमन है देश महान, 'जागल भोजपुरिया जवानी, खौले सरयू के पानी' सहित तमाम देशभक्ति से ओतप्रोत गीत गाए। संस्कार भारती के त्रिपुरारी मिश्रा एवं उनकी टीम 'कॅइलर जहवा गितिया गावे' सहित अन्य भोजपुरी गीत गाकर लोगों का मनोरंजन किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Cultural programs organized on second day of Chaurachaura Centenary Festival photos
चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव - फोटो : अमर उजाला।
लोक गायक राकेश ने भी दी प्रस्तुति
सुर तरंग कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोक गायक एवं संगीत नाटक एकेडमी के सदस्य राकेश श्रीवास्तव ने बाबू बंधू सिंह को समर्पित एक गीत 'बाबू बंधू सिंह के बलिदानवां ई जहैंनवा जानेला...', 'अपने देश धर्म पर बली होके  झुली गइले झुलनवा ना...' प्रस्तुत किया। 'सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसवा से मोरे प्रान बसे हिंदू देश रे बटोहिया...' की प्रस्तुति दी। वाद्य यंत्रों पर संगत में मोहम्मद शकील ढोलक पर, तबले पर गौरव मिश्र, अखिलेश विश्वकर्मा पैड पर विक्की आर्गन पर, रानू जॉनसन ने बांसुरी पर संगत किया। सुर तरंग कार्यक्रम का संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया।
विज्ञापन
Cultural programs organized on second day of Chaurachaura Centenary Festival photos
चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव - फोटो : अमर उजाला।
बच्चों ने दी कलात्मक योग नृत्य की प्रस्तुति
निरोग योग केंद्र, चौरीचौरा की ओर से योगाचार्य मुहम्मद सज्जाक के निर्देशन में बच्चों और बच्चियों ने शानदार कलात्मक योग नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम प्रस्तुत करने वालों में अंजलि जायसवाल, आयुषी जायसवाल (युगल कलात्मक योग नृत्य) 'हम परमपिता के बच्चे हैं...', रितिका सिंह व दीपिका सिंह ने (युगल कलात्मक योग नृत्य) ‘मेरा दिल भी कितना पागल है...', गाने पर प्रस्तुति दी। 'बापू सेहत के लिए तू तो हानिकारक है...' गाने पर शिवांशु, आयुष, भव्या, आराध्या, ग्रेसी व सूर्यांश ने प्रस्तुति दी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed