गोरखपुर में खोराबार के मदरहवा निवासी प्रापर्टी डीलर बलराम यादव ने खुदकुशी नहीं की थी, बल्कि गोली मारकर उसकी हत्या की गई थी। बलराम की हैंडवॉश रिपोर्ट से इस घटना की सच्चाई सामने आ गई है। हालांकि मौके पर मिले एक छह साल के बच्चे के बयान के आधार पर खोराबार पुलिस इसे शुरू से ही खुदकुशी का मामला मानकर जांच कर रही थी। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें एकतरफा मोहब्बत में कैसे गई जान...
तस्वीरें: खुदकुशी नहीं, गोली मारकर की गई थी प्रापर्टी डीलर बलराम की हत्या, छह साल के बच्चे ने दी थी ये गवाही
बलराम के घरवालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी तो पुलिस ने प्रेमिका व उसकी मां के अलावा चार अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा तो दर्ज कर लिया था, लेकिन संशय की वजह से हैंडवॉश रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। अब रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने मां-बेटी की तलाश तेज कर दी है।
बता दें बलराम के परिवारवाले शुरू से ही खोराबार पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे थे। बलराम के चचेरे भाई खोराबार ब्लॉक प्रमुख शैलेष, सपा नेता दुर्गेश यादव आदि की मांग पर एसएसपी ने मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था। इसके बाद बलराम का हैंडवॉश फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। तीन दिन पूर्व रिपोर्ट आ गई है। जांच में बलराम के हाथ पर गन पाउडर नहीं पाया गया है। रिपोर्ट हत्या की तरफ इशारा कर रही है। इसके बाद एसएसपी ने क्राइम ब्रांच व खोराबार पुलिस को प्रेमिका व उसकी मां सहित सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
प्रेमिका के घर के गेट पर मिला था बलराम का शव
जानकारी के मुताबिक, 23 नवंबर 2019 को रामनगर कडजहां निवासी नर्स आकृति दुबे के घर के गेट पर प्रापर्टी डीलर बलराम यादव का शव मिला था। सिर में तीन गोली लगी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के एक कमरे में बंद छह वर्ष का बालक मिला। तब पुलिस ने कहा था कि बच्चे ने पूछताछ में बताया है कि कहासुनी के बाद बलराम ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। उधर, बलराम के भाई सिकंदर यादव ने तहरीर देकर आकृति दुबे और उसकी मां शालिनी पर हत्या का आरोप लगाया।
सिकंदर के मुताबिक, बलराम ने रामनगर कड़जहां में आकृति दुबे के घर के पास जमीन खरीदकर प्लॉटिंग कर रखी थी। अक्सर शाम को वह प्लॉट पर जाते रहते थे। घटना वाली शाम को भी प्लॉट पर गए थे। आकृति दुबे उन्हें अपने घर में ले गई। बाद में उसने घर में मां व चार अन्य लोगों के साथ मिलकर बलराम की हत्या कर दी। सिकंदर की तहरीर पर इस मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन अभी तक बलराम की उस लाइसेंसी पिस्टल को बरामद नहीं कर पाई है, जिससे उसे गोली लगी थी।
आरोपितों ने पुलिसवाले की मदद से मकान का सारा सामान निकलवा लिया
जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद से ही प्रेमिका व उसकी मां फरार हैं। इस बीच एक पुलिसकर्मी की मदद से दोनों ने मकान में रखा सारा सामान भी निकलवा लिया। हुआ यह कि लॉकडाउन से पहले एक पुलिसकर्मी वर्दी में आया और ट्रक पर सामान लादकर ले जाने लगा। भनक लगने के बाद बलराम के परिजनों ने उसे फोरलेन पर रोक लिया। मामला थाने पर आया, लेकिन पुलिस ने ट्रक व उस पुलिसकर्मी को जाने दिया। आरोपित प्रेमिका व उसकी मां मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। उनकी एक महिला रिश्तेदार भी खोराबार इलाके में ही रहती हैं। उनसे भी इस घटना के बाद पूछताछ की गई थी।