यूपी: विदेश भेजने वाली फर्म के कार्यालय में घुसकर 22 लाख रुपये की लूट, पुलिस को है इस बात की आशंका
- कार्यालय का सीसीटीवी कैमरा खराब बताया गया, डीवीआर भी टूटा मिला, संचालक समेत कई हिरासत में
- पुलिस को कबूतरबाजी के बड़े गिरोह के होने की आशंका, एक हजार के करीब पासपोर्ट, फर्जी स्टांप बरामद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कैंट इलाके के सिंघड़िया आदर्श नगर कॉलोनी में पांच बदमाशों ने गल्फ टेक्निकल इंस्टीट्यूट एंड ट्रेनिंग सेंटर के दफ्तर में घुसकर मंगलवार शाम 7:20 बजे 22 लाख रुपये लूट लिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तहकीकात शुरू की तो कार्यालय के अंदर स्थित कमरे से एक मेज के नीचे से नौ लाख रुपये बरामद हुए। संदेह पर पुलिस ने कंपनी संचालक के घर जाकर जांच की है तो वहां से भी 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। कार्यालय से एक हजार पासपोर्ट और जाली स्टांप मिले हैं।
नकदी और तमाम संदिग्ध दस्तावेज की बरामदगी के साथ ही लूट की घटना पर सवाल उठने लगे हैं। देर रात तक पुलिस ने लूट की वारदात को खारिज नहीं किया, मगर कई अन्य नजरिए से पड़ताल शुरू कर दी। बकौल एसएसपी, लूट की आशंका कम है, विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ होने की आशंका ज्यादा है। पुलिस, संचालक व उनकी पत्नी, भाई, रिश्तेदार सहित अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, देवरिया के खानपार थाना क्षेत्र के भवानी छपरा के मूल निवासी संतोष सिंह पुत्र राधा सिंह करीब चार साल पहले सिंघड़िया के आदर्श नगर में मकान बनवाकर भाई अभिषेक और पत्नी के साथ रहने लगे। अपने मकान से चंद कदम की दूरी पर लेखा परीक्षा अधिकारी प्रवीण मिश्रा का मकान किराए पर लेकर उन्होंने गल्फ टेक्निकल इंस्टीट्यूट की शुरुआत कर दी। यहां पर विदेश भेजने वाले युवकों को ट्रेनिंग दी जाती है।
42 लोगों के थे 22 लाख रुपये
दिल्ली के एक फर्म से तालमेल कर वीजा उपलब्ध कराकर विदेश भी भेजा जाता है। बताया जा रहा है कि एक शख्स से देश के हिसाब से 40 से 50 हजार रुपये लिए जाते हैं। संतोष सिंह ने पुलिस को शाम सात बजकर 20 मिनट पर सूचना दी कि पांच बदमाश उनके कार्यालय में घुसे और असलहा दिखाकर 22 लाख रुपये लूट लिए। सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन फानन सभी आला अफसर मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के बारे में पूछा तो बताया गया कि वह खराब है। मौके से डीवीआर टूटा मिला। इसके बाद पुलिस को संदेह हुआ और छानबीन शुरू की गई। पुलिस की छानबीन में संतोष के कार्यालय से नौ लाख रुपये मिले। पुलिस ने घटना के समय मौजूद तीन कर्मचारियों को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद संतोष के घर पहुंची।
घर की तलाशी में दरवाजे के पीछे एक और बैग मिला। इस बैग में छुपाकर करीब 20 लाख रुपये रखे गए थे। पुलिस ने संतोष के घर व कार्यालय से करीब 29 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। अब बरामद नकदी से संबंधित दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है।
कंपनी संचालक संतोष सिंह का कहना है कि वह एक शख्स से 40 से 50 हजार रुपये लेते हैं। मंगलवार को 42 लोगों के 22 लाख रुपये थे, जिसे बदमाश लूटकर फरार हो गए। कुछ लोगों ने सोमवार को भी विवाद किया था। जिस समय वारदात हुई वहां पर मेरे अलावा तीन अन्य कर्मचारी मौजूद थे। बदमाशों ने कहा कि रुपये दे दो नहीं तो गोली मार देंगे। डर से रुपये दे दिए।
सोमवार को कुछ युवकों से हुई थी कहासुनी
पुलिस की छानबीन से पता चला कि विदेश जाने के इच्छुक कुछ युवक सोमवार को संतोष के पास आए थे। किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई थी।
देर रात तक चली घर की तलाशी, घर से भी पासपोर्ट बरामद
घटना के बाद पुलिस ने देर रात तक कंपनी संचालक का कार्यालय व आवास खंगाला। महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में घर के एक-एक हिस्से की तलाशी ली गई है। बड़ी मात्रा में पासपोर्ट बरामद हुए हैं। महिला पुलिस कर्मियों की मदद से लूट की सूचना देने वाले संतोष सिंह की पत्नी से भी पूछताछ की गई है। बरामद पासपोर्ट पुलिस ने कब्जे में ले लिया। अब एक-एक पासपोर्ट व उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
एसपी सिटी ने वीडियो संदेश जारी कर दी जानकारी
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने वीडियो संदेश जारी करके मामले की जानकारी दी। एसपी सिटी ने कहा कि शाम सात बजकर 20 मिनट पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। बताया गया कि कुछ लोगों ने असलहा दिखाकर 22 लाख रुपये लूट लिए। कैंट पुलिस ने मौके पर जाकर छानबीन शुरू कर दी। लूट की सूचना देने वाले व्यक्ति के कार्यालय से ही नौ लाख रुपये से ज्यादा बरामद किए गए हैं। घर से करीब 20 लाख रुपये मिले हैं। कार्यालय से कलर्ड स्टांप पेपर, हस्ताक्षर किए दस्तावेज मिले हैं। मामले की छानबीन की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस व अलग-अलग टीमों की मदद से जांच की जा रही है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि 22 लाख रुपये लूटने की सूचना पुलिस को दी गई। जांच के दौरान कार्यालय से नौ लाख रुपये बरामद हुए हैं। घर से भी नकदी मिली है। मामला संदिग्ध लग रहा है। कार्यालय से फर्जी स्टांप व अन्य सामग्री मिली है। अलग-अलग बिंदुओं पर पुलिस की जांच जारी है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।