कोरोना की दूसरी और ज्यादा घातक लहर का डर पंचायत चुनाव में बूथों पर कहीं नजर नहीं आया। धीमी गति से मतदान होने के कारण लगभग सभी पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगीं रहीं। यहां सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं दिखी। अधिकतर स्थानों पर मतदाता बिना मास्क लगाए ही पहुंचे हुए थे। पोलिंग बूथ में पुलिसकर्मी और मतदान अधिकारी भी बिना मास्क के काम करते दिखाई दिए।
पंचायत चुनावः बूथों पर नहीं दिखा कोविड का भय, जमकर उड़ी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां
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पंचायत चुनाव के तहत बृहस्पतिवार को जिले के 20 ब्लॉकों की सभी ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मतदान स्थलों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए वोटिंग कराई जानी थी। शासन के इन निर्देशों का अधिकतर पोलिंग बूथ पर पालन होता हुआ नहीं दिखा। ग्राम पंचायत लहसड़ी में प्रत्याशियों के बस्तों पर मतदाताओं को वोटर पर्ची के साथ मास्क भी बांटे जा रहे थे लेकिन खुद एजेंट मास्क या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर नहीं आए।
यहां पोलिंग बूथ के मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मी मुस्तैद नजर आए लेकिन मास्क होने के बावजूद अधिकतर ने इसे गले में लटका रखा था। अंदर चार बूथों पर तीन सौ से अधिक महिलाएं कतार में थीं। उनमें फासला भी न था। मास्क लगाने में पुरुष मतदाता पीछे नजर आए। ज्यादातर महिलाएं मास्क लगाए हुए थीं।
ग्राम पंचायत डुडियां बिशुनपुर बुजुर्ग में मतदाताओं की भीड़ तो कम थी लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कराया गया। यहां भी पोलिंग कर्मचारियों ने मास्क नहीं लगा रखा था। यह स्थिति और इससे मिलते जुलते नजारे कमोबेश प्रत्येक ग्राम पंचायत में देखने को मिले।