अगर किसी को भी कोरोना संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं तो छिपाए नहीं। तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। जांच कराएं। आपकी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, साथ ही दूसरे भी इससे संक्रमित हो सकते हैं। यह अपील है उन डॉक्टरों की, जो खुद की जान को जोखिम में डालकर संक्रमितों के इलाज में जुटे हैं और अपना फर्ज निभा रहे हैं।
खुद को जोखिम में डाल संक्रमितों के इलाज में जुटे डॉक्टरों ने की अपील, कहा- लापरवाही न बरतें, कोरोना के लक्षण दिखें तो छिपाएं नहीं
इलाज ही पहली प्राथमिकता
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. गगन गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच मरीजों का इलाज ही पहली प्राथमिकता है। मरीजों को समझाया जा रहा है कि वे संक्रमण से कैसे बचें। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉ. महिम मित्तल की अगुवाई में टीम सावधानी बरतते हुए संक्रमितों के इलाज में जुटी है। संक्रमण के खतरे के बावजूद डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की सेवा कर रहे हैं।
परस्पर सहयोग से जीती जा रही कोरोना से जंग
बीआरडी मेडिकल कॉलेज कोरोना वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से कोरोना से जंग जीती जा रही है। मेडिकल कॉलेज में अब तक 500 से अधिक गंभीर मरीजों को ठीक करके घर भेजा चुका है। इन मरीजों को यह समझाया भी गया है कि कोरोना से कैसे बचें और अपने परिवार को कैसे बचाएं। जरा सी लापरवाही पूरे परिवार को खतरे में डाल सकती है।
जागरूकता से ही संक्रमण से बच सकेंगे
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुनील केजरीवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मरीजों की बढ़ती संख्या के पीछे लोगों की लापरवाही जिम्मेदार है। अगर लोग जागरूक रहेंगे, तो इस वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। अगर जरा सी भी लापरवाही हुई तो कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जाएगी। इसलिए खुद तो सजग रहें ही, दूसरों को भी बचाव के प्रति जागरूक करें।
कोरोना मरीजों का रखा जा रहा पूरा ख्याल
सर्जन डॉ. अशोक यादव ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए मरीजों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। यही वजह है कि केस बढ़ते जा रहे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की टीम मरीजों के इलाज में जुटी हुई है। कोरोना वार्ड में मरीजों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।