उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। संक्रमण की दर बढ़ती जा रही है। बीते पांच माह के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे खराब हालात अगस्त माह में रहे हैं। जहां चार महीने में जिले में 2145 मरीज मिले थे। वहीं, केवल अगस्त माह में 7262 लोग संक्रमित हुए हैं। विभाग का मानना है कि संक्रमण की स्थिति सितंबर में भी कुछ ऐसी ही रहेगी। अगर लोग सचेत नहीं हुए तो केस बढ़ने तय हैं। हालांकि, विभाग का एक और तर्क है कि जैसे-जैसे जांचों की संख्या बढ़ेगी। वैसे-वैसे मरीजों की संख्या भी बढ़ती जाएगी।
जानिए गोरखपुर में कैसे बढ़े कोरोना मरीजों के आंकड़े, सितंबर में और बिगड़ सकते हैं हालात
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लॉकडाउन के बाद जिले में पहला मरीज 26 अप्रैल को मिला था। मई महीने में केवल 78 मामले आए थे। जून में 281 मामले सामने आए। जुलाई में 1784 मरीज मिले। अगस्त माह की शुरुआत हुई तो लगातार केस बढ़ते गए। अगस्त माह का कोई ऐसा दिन नहीं रहा, जब 200 से कम मरीज मिले हों। अब तक 24 घंटे में अधिकतम 395 केस अगस्त माह में मिल चुके हैं। इसके अलावा अगस्त माह में 300 का आंकड़ा पांच बार पार हो चुका है। इनमें सबसे अधिक मरीज शहर के शामिल हैं।
विभाग का मानना है कि इसके बाद भी लोग सचेत नहीं हो रहे हैं। हर तरफ लापरवाही दिख रही है। यही वजह है कि मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। होम आइसोलेशन के दौरान लापरवाही बरतने के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है। अगर यही हालात रहे तो सितंबर में भी अगस्त की तरह मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसी स्थिति में शहरवासियों को सचेत रहने की जरूरत है।
एक नजर आकड़ों पर
माह केस
अप्रैल 02
मई 78
जून 281
जुलाई 1784
अगस्त 7262
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि शहर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह बेहद चिंता का विषय है। इसकी वजह यह है कि लोग इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। एहतियात बरतते हुए अगर लोग इसे लेकर जागरूक रहें, तो काफी हद तक इस पर अंकुश लगाया जा सकता है।