उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के अलीनगर इलाके में कोरोना से संक्रमित मां के शव को उठाने के लिए उसके मकान मालिक के अलावा उसकी बेटी रात भर गुहार लगाती रही, अगले दिन दोपहर में नगर आयुक्त ने हिंदू रीति रिवाज से महिला के शव का राजघाट पर दाह संस्कार करवाया।
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covid19
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के अनुसार कोरोना से संक्रमित 55 वर्षीय सुनीता पांडेय ने गुरुवार शाम 6 बजे अपने किराए के आवास अलीनगर में दम तोड़ दिया। घर में सिर्फ बुजुर्ग मकान मालिक कृष्ण मुरारी गुप्ता और सुनीता की बेटी थी। ऐसे में उन्हें अंतिम संस्कार के लिए राजघाट ले जाने वाला कोई नहीं था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
महिला की बेटी कई लोगों से गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने लाश को उठाने में मदद नहीं की। इसी दौरान वाराणसी के अभिषेक राज ने किसी से जानकारी मिलने पर शुक्रवार की सुबह 11:09 बजे ट्वीट किया। इसका संज्ञान लेते हुए एक चैनल की एंकर ने कोट्स ट्वीट कर मदद मांगी। उसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय सक्रिय हुआ।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
निर्देश के बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने शुक्रवार की दोपहर दो बजे घर से शव को उठवाकर राजघाट पहुंचवाया, जहां हिंदू रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार हुआ। मकान मालिक कृष्ण मुरारी की बेटी गरिमा ने बताया कि सुनीता पांडेय उनके पिता के घर में अकेले किराए पर रहती थी। उनके लिए कुक का भी काम करती थी। सुनीता के साथ उनकी बेटी रहती है। उन दोनों के अलावा और कोई नहीं है।
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कोरोना का कहर
- फोटो : पीटीआई
दो दिन पहले पता चला कि सुनीता कोरोना संक्रमित है। किसी अस्पताल में बेड नहीं मिला तो घर में ही दवा शुरू की गई। इस दौरान गुरुवार की शाम उनकी मौत हो गई। इंफोर्समेंट टीम के कर्नल सीपी सिंह ने बताया कि नगर आयुक्त के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने हिंदू रीति रिवाज से दाह संस्कार का निर्देश दिया था। महिला के मकान मालिक के द्वारा शव राजघाट लाया गया। जहां पूरी हिंदू रीति रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार करल दिया गया।