फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

#LadengeCoronaSe: संक्रमितों के लिए रामबाण बना यह झूठ, दस दिन में पूरे परिवार ने जीत ली कोरोना से जंग

Sat, 24 Apr 2021 11:59 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 24 Apr 2021 11:59 AM IST
विज्ञापन
corona infected family Recover from coronavirus by lie in gorakhpur
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कोरोना महामारी के बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यूं तो कहा जाता है कि झूठ बोलना गलत बात है लेकिन यहां एक ऐसा झूठ सामने आया है जो कोरोना संक्रमित परिवार के लिए संजीवनी बन गई। इस झूठ से मिली ताकत से पूरे परिवार ने 10 दिन में ही कोरोना को मात दे दिया। आगे की स्लाइडेस में पढ़िए पूरा मामला... 
corona infected family Recover from coronavirus by lie in gorakhpur
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
जानकारी के मुताबिक, बरगदवा विकास नगर के रहने वाले देवांश के माता-पिता और बड़े भाई में कोरोना के लक्षण दिखे तो उन्होंने नौ अप्रैल को एंटीजन टेस्ट कराकर सभी को घर भेज दिया और उसकी रिपोर्ट खुद रख ली। तीनो पॉजिटिव थे। देवांश ने घर पहुंचने से पहले चिकित्सक से संपर्क कर तीनों के लिए दवाइयों के पैकेट बनवा लिए। 
corona infected family Recover from coronavirus by lie in gorakhpur
covid19 - फोटो : पीटीआई
देवांश घर पहुंचा तो मुस्कुराते हुए बोला, सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। घबराने की कोई बात नहीं है। लेकिन कहीं संक्रमण हो न जाए इसलिए एहतिहातन डॉक्टर ने ये दवाइयां दी है जिसे नियमित रूप से खाना है। साथ ही सभी को कम से कम 10 दिन आईसोलेट भी रहना है। किसी से मिलने-जुलने की जरूरत नहीं है। सुबह शाम भाप लेना है और गर्म पानी पीना है। यह सारी बातें बताकर देवांश खुद दूसरे कमरे में आइसोलेट हो गया। हालांकि देवांश की रिपोर्ट निगेटिव थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
corona infected family Recover from coronavirus by lie in gorakhpur
कोरोना वायरस - फोटो : PTI
देवांश ने बताया कि उसके माता-पिता कोरोना का नाम सुनते ही कांप जाते थे। उनके अंदर इस बीमारी को लेकर काफी दहशत है। ऐसे में मैंने उनसे उनकी रिपोर्ट छिपा दी। अगर बता देता तो सभी मानसिक रूप से बीमार हो जाते। झूठ बोलने का नतीजा रहा कि सभी आइसोलेशन में आराम से रह रहे थे। कुछ लक्षण जरूर थे लेकिन उससे उन्हें कोई खास तकलीफ नहीं हुई। नतीजा रहा कि महज 10 दिन के अंदर निगेटिव हो गए और आज पूरी तरह से स्वस्थ हैं। 
विज्ञापन
corona infected family Recover from coronavirus by lie in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
देवांश ने बताया कि 18 अप्रैल को दोबारा जांच में तीनों निगेटिव आ गए। जब रिपोर्ट निगेटिव आ गई तो बड़े भाई को सच्चाई बता दी। पहले तो वह चौंके लेकिन कुछ देर बार ठहाके मार के हंसने लगे। उन्होंने कहा कि एक झूठ ने कोरोना को हराया और एक सच ने चेहरे पर मुस्कान ला दी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed