गोरखपुर में कोरोना महामारी ने जिले में अब तक 278 लोगों की जान ली है। मरने वालों में 70 प्रतिशत शुगर (मधुमेह) की बीमारी से ग्रसित थे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। चिकित्सकों ने कोरोना और उसके दुष्प्रभावों से जुड़े ऐसे तमाम तथ्यों पर शोध शुरू किया है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें किसे है कोरोना से खतरा...
गोरखपुर में इस बीमारी के मरीजों को कोरोना ने आसानी से बनाया शिकार, शोध में हुआ खुलासा
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जानकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण से जिले में अब तक 278 मरीजों की मौत हुई है। इनमें से करीब 85 प्रतिशत ऐसे मरीज थे, जो पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। इन 85 प्रतिशत मरीजों में 70 प्रतिशत मरीज केवल शुगर की बीमारी से ग्रसित थे।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महिम मित्तल ने बताया कि कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक शुगर के मरीजों की मौत हुई है। दूसरे नंबर पर हृदय रोग से पीड़ित मरीज रहे हैं। जबकि करीब 10 से 15 प्रतिशत मरीजों की मौत इलाज में देरी या लापरवाही के कारण हुई है। डॉ. मित्तल का कहना है कि शुगर और बीपी (ब्लड प्रेशर) के मरीज कोरोना को हल्के में बिल्कुल भी न लें। जरा सा दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। बीमारी के दौरान डॉक्टरों की सलाह पर ही दवा लें।
हृदय रोगियों को भी ज्यादा खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना की चपेट में आए हृदय रोग से संबंधित मरीजों को भी खतरा ज्यादा है। शुगर के बाद हृदय की बीमारी से जूझ रहे मरीजों की मौत हुई है। तीसरे नंबर पर ब्लड प्रेशर, चौथे नंबर पर किडनी और पांचवें नंबर पर मोटापा से जुड़े मरीज रहे हैं। इनके अलावा कोरोना ऐसे मरीजों के लिए भी जानलेवा साबित हुआ है, जो किसी संक्रमण का शिकार पहले से रहे हैं।
चिकित्सकों की सलाह के बिना न रहें होम आइसोलेट
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी बीमारी से पीड़ित है तो वह बिना डॉक्टर की सलाह के होम आइसोलेट न रहे। पहले से बीमार व्यक्ति लक्षण दिखने पर तत्काल कोरोना की जांच कराए। यही नहीं, 55 साल से ऊपर वाले सभी लोग समय-समय पर जांच कराते रहें। शुगर और बीपी के मरीज दवा का सेवन डॉक्टरों की सलाह पर ही करें।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कोविड-19 के बारे में तमाम तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं। अब तक कोरोना संक्रमण से जितने भी मरीजों की मौत बीआरडी में हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत के आसपास मरीज शुगर की बीमारी से ग्रसित थे। बीआरडी की टीम कोरोना के संबंध में और भी शोध करेगी।