कोरोनावायरस को लेकर मचे शोर के बीच बृहस्पतिवार को खड्डा क्षेत्र में थाईलैंड के बौद्ध पर्यटकों का पैदल जत्था देख खलबली मच गई। खड्डा पुलिस ने पर्यटकों को जांच के लिए रोका तो पर्यटकों ने सोनौली बार्डर पर की गई जांच का सर्टिफिकेट दिखाया। पर्यटकों ने कोरोना फ्री का सर्टिफिकेट दिखाया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने 'अतिथि देवो भव:' का परिचय देते हुए पानी पिलाया और सम्मान सहित विदा किया।
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Thailand tourists
- फोटो : अमर उजाला।
थाईलैंड के 101 बौद्ध भिक्षुओं का दल पैदल चलकर लुम्बिनी गया था। बृहस्पतिवार को सिसवा-खड्डा मार्ग से यह जत्था खड्डा क्षेत्र में पहुंचा तो कोरोना फैलने की आशंका से लोग सहम गए। खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने पुलिस को जानकारी दी। कस्बे के शिवाजी चौक पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने बातचीत की तब पता लगा कि थाईलैंड से चलकर यह जत्था कुशीनगर पहुंचा था और वहां से लुम्बिनी (नेपाल) गया था।
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वापस आते समय बार्डर पर सोनौली में इनका स्वास्थ्य परिक्षण किया गया और सभी को केरोना फ्री (स्वस्थ) पाया गया था। इन लोगों ने प्रमाण पत्र भी दिखाया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इनका सेवा सत्कार किया। लोगों ने इन विदेशी मेहमानों के साथ फोटो भी खिंचवाया।
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- फोटो : अमर उजाला।
प्रभारी थानाध्यक्ष पीके सिंह ने बताया कि पर्यटकों से बातचीत हुई। वह थाईलैंड से धार्मिक यात्रा पर आए हैं जो इस रास्ते बिहार के बोध गया जा रहे थे। सभी ने कोरोना फ्री होने का सर्टिफिकेट भी दिखाया, मेहमानों को मंगलमय यात्रा की शुभकामना देते हुए विदा किया गया।
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15 दिसंबर से भारत में ही है यह दल
थाई पर्यटक दल की अगुआई कर रहे बौद्ध भिक्षु पी प्रवाट ने बताया कि 15 दिसंबर से ही वे लोग भारत में हैं। कोलकाता से बौद्ध तीर्थस्थल का पैदल भ्रमण पर निकले हैं। यह दल वाराणसी, कौशांबी, संकिसा, श्रावस्ती, अयोध्या, देवरिया होते हुए कुशीनगर पहुंचा था। यहां से लुम्बिनी गए थे। अब बिहार के पश्चिमी चंपारण जनपद के लौरिया स्थित अशोक स्तंभ नंदनगढ़ होते हुए नालंदा, राजगिरी के बाद बोधगया पहुंचेंगे। 25 मार्च को यह दल कोलकाता से अपने देश लौट जाएगा।