{"_id":"5e9e978c8ebc3e908256750f","slug":"cm-yogi-adityanath-father-anand-singh-bisht-special-news-in-gorakhpur","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जानें किस नाम से सीएम योगी को बुलाते थे उनके पिता, ऐसे पूछते थे हालचाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानें किस नाम से सीएम योगी को बुलाते थे उनके पिता, ऐसे पूछते थे हालचाल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 22 Apr 2020 10:13 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
सीएम योगी और उनके माता-पिता। (File)
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का सोमवार को दिल्ली एम्स में निधन हो गया। यह सूचना मिलने के बाद से ही गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में सन्नाटा पसर हुआ है। मंदिर में रहने वाला हर शख्स उनको याद कर दुखी है।
2 of 5
सीएम योगी के पिता।
- फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का गोरखनाथ मंदिर आना भले ही नहीं हो पाता था, लेकिन मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी और वीरेंद्र सिंह से अक्सर फोन पर बात करते थे। छोटे बाबा का हालचाल पूछते थे।
3 of 5
सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वह प्यार से छोटे बाबा नाम से पुकारते थे। वह मंदिर के एक-एक कर्मचारी से परिचित भी थे। नई दिल्ली के एम्स में आनंद सिंह बिष्ट के निधन से गोरखनाथ मंदिर के पदाधिकारी व कर्मचारी दुखी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
बात करने पर सचिव द्वारिका तिवारी और वीरेंद्र सिंह उनकी यादों में खो जाते हैं। दोनों कहते हैं कि योगी जी के पिता अक्सर फोन पर सबका हालचाल जानने के बाद पूछते थे कि छोटे बाबा कहां हैं? क्या कर रहे हैं? उनकी दिनचर्या, कामकाज ठीक है। कभी-कभी संकोच के साथ कहते थे कि छोटे बाबा से बात हो सकती है क्या? इसकी सूचना महंत योगी आदित्यनाथ को दी जाती थी।
विज्ञापन
5 of 5
gorakhnath temple
- फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर के ही रजत तिवारी बताते हैं कि आनंद सिंह बिष्ट भी धार्मिक प्रवृति के थे। गायों से उनका लगाव था। गोशाला की गायों की जानकारी भी लेते थे। मंदिर के कर्मचारियों का हाल जानते थे। कहते थे कि मंदिर का एक-एक कर्मचारी उनके परिवार का हिस्सा है। स्वस्थ थे तो अक्सर फोन आता था। बातचीत में आत्मीयता रहती थी। उनके निधन से हर कर्मचारी दुखी है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।