गोरखपुर के वैभव हत्याकांड में पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सर्वेश भट्ट ने 25 लाख रुपये का कर्ज चुकाने के लिए पड़ोस में रहने वाले सराफा कारोबारी के बेटे वैभव के अपहरण और फिरौती की साजिश रची थी। बच्चे की पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने उसकी हत्या कर दी और शव को अपने ही घर के बेसमेंट में छिपा दिया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सर्वेश ने एबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉरपोरेशन) से 25 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसकी प्रतिमाह 28,700 रुपये की किस्त जमा करनी थी। किस्त जमा नहीं होने पर उसके पिता हरिनारायण अक्सर उसे ताने देते थे। इसी आर्थिक दबाव के चलते उसने वैभव के अपहरण की साजिश रची।
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हत्यारोपी और उसके घर को सील करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी का परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। वह वैभव के संपन्न परिवार से मोटी रकम वसूलना चाहता था। साजिश के तहत उसने बच्चे को प्रलोभन देकर अपने साथ ले जाने की कोशिश की लेकिन वैभव ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसे जमीन पर गिरा दिया और उसके सीने पर घुटना रखकर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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आरोपी की फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घर के सामने सुनसान रास्ते से ले गया शव
हत्या के बाद आरोपी वैभव के शव को अपने घर के सामने स्थित सुनसान रास्ते से घर के अंदर ले गया। दोपहर के समय परिवार के सभी लोग अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। इसी दौरान उसने शव को बोरी में भरकर बांध दिया और घर के नीचे बने बेसमेंट में ले जाकर भारी-भरकम गद्दे के नीचे छिपा दिया।
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मृतक वैभव की फाइल फोटो. रोते बिलखते दादा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यही वजह रही कि देर शाम पहली बार आरोपी के घर की तलाशी लेने पर पुलिस को बच्चे का शव नहीं मिला। मंगलवार को पुलिस ने शव बरामद कर लिया। आरोपी खजनी में ई वर्ल्ड ग्रुप ऑफ एजुकेशन के नाम से कंप्यूटर क्लास संचालित करता है।
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मासूम वैभव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बार-बार बदलता रहा बयान, पूछताछ में खुली सच्चाई
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, आरोपी से घंटों पूछताछ की गई लेकिन वह लगातार अपने बयान पर कायम रहा। इसके बाद स्पेशल साइकोलॉजिकल टीम को पूछताछ के लिए लगाया गया। एसएसपी ने खुद भी आरोपी से पूछताछ की। इस दौरान आरोपी ने एक बयान में कहा कि उसकी पत्नी या किसी महिला को लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) हो रही थी, जिसे दिखाने के लिए वह डॉक्टर के पास गया था।