चौरीचौरा शताब्दी वर्ष समारोह में सुरक्षा घेरा बेहद चाक चौबंद है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी मौजूद हैं। कार्यक्रम स्थल की ओर आने-जाने वालों पर पुलिस और इंटेलिजेंस की निगाह बनी हुई है। रेल प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। आरपीएफ और जीआरपी ने भी अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली है। चौरीचौरा रेलवे स्टेशन और रेलवे क्रासिंग पर आरपीएफ और जीआरपी की अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। बुधवार से ही पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था।
आज से गूंजेगा चौरीचौरा के शहीदों का तराना, स्मारक पर चाक चौबंद है सुरक्षा व्यवस्था
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बता दें कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कोई चूक न हो इसके लिए डीएम के विजयेंद्र पांडियन और डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को ही शहीद स्मारक पहुंचकर सुरक्षा में तैनात पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर तैयारियां जांची थी। मुख्यमंत्री के काफिले में कौन-कौन शामिल रहेगा, कितनी गाड़ियां होंगी, इसका भी रिहर्सल कराया गया था। अफसरों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी समझाई गई है। हेलीपैड से लेकर मंच तक पुलिस का कड़ा पहरा है। रेलवे स्टेशन की तरफ से कोई न आ सके, इसके लिए बैरिकेडिंग की गई है।
एसपी रेलवे डॉक्टर बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि समारोह में आनेवाले लोगों की सुरक्षा एवं भीड़भाड़ को नियंत्रण रखने के लिए थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा तीन उपनिरीक्षक, 19 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल और तीन महिला कांस्टेबल की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है।
रेल लाइन या इसके किनारे न खड़े हों यात्री
चौरीचौरा रेलवे स्टेशन के निकट शहीद स्मारक पर आने वाले पर्यटकों एवं यात्रियों से रेलवे प्रशासन ने रेललाइन पर या इसके किनारे न खड़े होने की अपील की है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए पैदल उपरिगामी पुल का इस्तेमाल करें। लेवल क्रासिंग से ही सावधानीपूर्वक रेल लाइन पार करें।